76वां स्वतंत्रता दिवस जश्न-ए-आज़ादी का पर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और सियासी पार्टियों के नेताओं ने दिल्ली और दूसरे प्रांतो की राजधानियों में तिरंगा फहराया और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं.
नई दिल्ली: जश्न-ए-आज़ादी का पर्व 76वां स्वतंत्रता दिवस सोमवार को पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और सियासी पार्टियों के नेताओं ने दिल्ली और दूसरे प्रांतो की राजधानियों में तिरंगा फहराया और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. “आज़ादी के अमृत”
राष्ट्रीय राजधानी के लाल क़िले क़िले की प्राचीर में आयोजित मुख्य समारोह में प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के दौर में कदम रख चुका है.
इस लड़ाई में उन्होंने देश के हर नागरिक से साथ और आशीर्वाद मांगते हुए कहा कि भ्रष्टाचारियों के प्रति किसी प्रकार की उदारता किसी भी देश को शोभा नहीं देती.
उन्होंने लाल क़िले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने नौवें संबोधन में युवा पीढ़ी से अगले 25 वर्ष में देश को विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को पूरा करने का आह्वान करते हुए भ्रष्टाचार, परिवारवाद और भाई-भतीजावाद को देश की प्रगति और उसके लक्ष्यों की राह की दो बड़ी चुनौती बताया और कहा कि भ्रष्टाचार ने देश में सामान्य लोगों की जिंदगी तबाह कर रखी है, यह देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा है, इसको समाप्त करके हमें योग्यता के साथ आगे बढ़ना है.
उन्होंने भष्टाचारियों के प्रति कोई उदारता न रखने तथा भ्रष्टाचार के प्रति वितृष्णा दिखाने की जरूरत बताया और कहा कि तभी यह गंदगी दूर होगी.
श्री मोदी ने इन बुराइयों के खिलाफ अपनी सरकार के संकल्प का एलान करते हुए कहा कि “अब भ्रष्टायचार के खिलाफ मैं साफ देख रहा हूं कि हम एक निर्णायक कालखंड में कदम रख रहे हैं. बड़े-बड़े भी बच नहीं पाएंगे.”
प्रधान मंत्री मोदी कहा कि “इस 25 वर्ष का अमृतकाल (के लक्ष्यों) के लिए जब हम चर्चा करते हैं, तब मैं जानता हूं कि चुनौतियां अनेक हैं, मर्यादाएं अनेक हैं, मुसीबतें भी हैं, बहुत कुछ है, हम इसको कम नहीं आंकते, लेकिन दो विषयों की तो मैं यहां पर चर्चा करना चाहता हूं कि मैं मानता हूं हमारी इन सारी चुनौतियों के कारण, विकृतियों के कारण, बीमारियों के कारण इस 25 साल का अमृत काल उस पर शायद अगर हमने समय रहते नहीं चेते, समय रहते समाधान नहीं किए तो ये विकराल रूप ले सकते हैं. इसमें एक है, भ्रष्टाोचार और दूसरा है भाई-भतीजावाद, परिवारवाद.”
श्री मोदी ने कहा कि हिन्दुतस्तारन की राजनीति और सभी संस्था-ओं की शुद्धिकरण के लिए देश को इस परिवारवादी मानसिकता से मुक्ति दिला कर योग्यनता के आधार पर देश को आगे ले जाने की ओर बढ़ना होगा.
उन्होंने जांच एजेंसियों की छापामारी में भारी नकदी बरामद होने के मामलों की ओर संकेत करते हुए कहा, “एक तरफ वे लोग हैं जिनके पास रहने के लिए जगह नहीं है. दूसरी ओर वे लोग हैं जिनको अपना चोरी किया हुआ माल रखने के लिए जगह नहीं है. यह स्थिति अच्छी नहीं है दोस्तों.”
उन्होंने भ्रष्टचार रोकने के कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले आठ वर्षों में विभिन्न योजनाओं का धन खाते में सीधे भेजने (डीबीटी) से दो लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचा है और उसे देश की भलाई के लिए लगाने में सफलता मिली है.
उन्होंने कहा, “जो लोग पिछली सरकारों में बैंकों को लूट-लूट कर के भाग गए, उनकी सम्प त्तियां जब्तो कर के वापिस लाने की कोशिश कर रहे हैं. कई लोगों को जेलों में जीने के लिए मजबूर कर के रखा हुआ है. हमारी कोशिश है जिन्होंने देश को लूटा है उनको लूट की सम्पत्ति लौटनी पड़े. वह स्थिति हम पैदा करेंगे. भ्रष्टाोचार के खिलाफ हम एक निर्णायक कालखंड में कदम रख रहे हैं कि अब (इसमें लिप्त) बड़े-बड़े लोग भी बच नहीं पाएंगे.”
प्रधानमंत्री ने कहा, “भ्रष्टाेचार दीमक की तरह देश को खोखला कर रहा है. मुझे इसके खिलाफ लड़ाई लड़नी है,– मेरे 130 करोड़ देशवासी, आप मुझे आशीर्वाद दीजिए, आप मेरा साथ दीजिए, मैं आज आप से साथ मांगने आया हूं, ताकि मैं इस लड़ाई को लड़ पाऊं. इस लड़ाई को देश जीत पाए क्यों कि सामान्यग नागरिक की जिंदगी भ्रष्टासचार ने तबाह करके रखी हुई है.”
प्रधानमंत्री ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि आज देश में भ्रष्टाेचार के प्रति नफरत तो दिखती है, व्यधक्तइ भी होती है “लेकिन कभी-कभी भ्रष्टााचारियों के प्रति उदारता बरती जाती है, किसी भी देश में यह शोभा नहीं देगा.”
उन्होंने कहा कि कई लोग भ्रष्टाीचारी सिद्ध हो चुके, जिनका भ्रष्टाचार में जेल जाना तय हो चुका, जेल में दिन गुजार रहे लोगों का महिमामंडन करने में लगे रहते हैं, उनकी प्रतिष्ठाो बनाने में लगे रहते हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा, “जब तक समाज में गंदगी के प्रति नफरत नहीं होती है, स्वच्छता की चेतना जगती नहीं है. जब तक भ्रष्टािचार और भ्रष्टाेचारी के प्रति नफरत का भाव पैदा नहीं होता है, सामाजिक रूप से उसको नीचा देखने के लिए मजबूर नहीं करते, तब तक यह मानसिकता खत्म होने वाली नहीं है और इसलिए भ्रष्टा चार के प्रति भी और भ्रष्टाटचारियों के प्रति भी हमें बहुत जागरुक होने की जरूरत है.”
श्री मोदी ने कहा कि जब वह भाई-भतीजावाद और परिवारवाद की बात करते हैं तो लोगों को लगता है वह सिर्फ राजनीतिक क्षेत्र की बात करते है.
उन्होंने कहा, “दुर्भाग्यं से राजनीति क्षेत्र की उस बुराई ने हिन्दुनस्ता्न की हर संस्थाहओं में परिवारवाद को पोषित कर दिया है. परिवारवाद हमारी अनेक संस्थानओं को अपने में लपेटे हुए है और इसके कारण मेरे देश की प्रतिभा को नुकसान होता है. देश के सामर्थ्यं को नुकसान होता है. जिनके पास अवसर की संभावनाएं हैं, वह परिवारवाद भाई-भतीजे के चलते बाहर रह जाता है और यह भी भ्रष्टाचार का एक कारण है.”
श्री मोदी ने कहा कि राजनीति में भी परिवारवाद ने देश के सामर्थ्य के साथ सबसे ज्या दा अन्याीय किया है. परिवारवादी राजनीति परिवार की भलाई के लिए होती है और उसका देश की भलाई से कोई लेना-देना नहीं होता है.
बार हर घर तिरंगा फहराने के लिए जुमे के दिन से ही हर समुदाय के लोगों की इस बात की काफ़ी चहल पहल देखाई दी और कई जगह मुस्लिम समुदाय को लोगों ने कई तिरंगा यात्रा निकाली. इस दौरान भारत माता की जय, जय हिन्द, हिन्दुस्तान ज़िन्दाबाद के नारे गूंजे.
यात्राओं का कई जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। यात्राओं में युवाओं की संख्या ज़्यादा रही.
हालांकि हर घर तिरंगा फहराए जाने की बात को लेकर इसकी संभावनाओं और परेशानियों के बारे में कुछ खुसुर पुसुर भी हुई लेकिन बॉलीवुड कलाकारों से लेकर समाज के विभिन्न दिग्गज अपने अपने घरों में तिरंगा फहराते हुए नज़र आए.
वैसे तो हर साल 15 अगस्त को पूरा भारत एक जुट होकर जश्न-ए-आज़ादी मनाता है लेकिन इस बार हर घर तिरंगा के नारे के साथ भारत वासियों में काफ़ी जोश नज़र आया.
हर घर तिरंगा पहराते हुए जश्न-ए-आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाने में काफ़ी जोश-ओ-खरोश नज़र आया. आज़ादी के इस जश्न में भारत का हर तबक़ा एकजुट नज़र आया.

