राज्यसभा सचिवालय द्वारा बुलेटिन में कहा गया है, “सदस्य संसद भवन परिसर का इस्तेमाल किसी तरह के धरने, विरोध प्रदर्शन, हड़ताल या धार्मिक समारोह के लिए नहीं कर सकते.”
नयी दिल्ली: विपक्षी सदस्यों ने संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन और धार्मिक समारोह नहीं करने संबंधी राज्यसभा सचिवालय के परामर्श का कड़ा विरोध किया है.
राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी बुलेटिन में कहा गया है, “सदस्य संसद भवन परिसर का इस्तेमाल किसी तरह के धरने, विरोध प्रदर्शन, हड़ताल या धार्मिक समारोह के लिए नहीं कर सकते.”
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया करते हुए कहा, “विषगुरू का ताजा धमाका – धरना मना है”
तृणमूल कांग्रेस सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने कहा है कि विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगा.
उन्होंंने प्रधानमंत्री द्वारा नये संसद भवन की छत पर राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह की स्थापना के समय की गयी पूजा का हवाला देते हुए कहा कि संसद में हाल ही में एक धार्मिक अनुष्ठान हुआ था.
श्री ब्रायन ने कहा, “हर वर्ष संसद के बुलेटिन में वे इस तरह के नोटिस जारी करते हैं. धरना, प्रदर्शन, हड़ताल और उपवास विरोध दर्ज कराने के वैध संसदीय तरीके हैं. हमें कोई नहीं रोकता.”
उन्होंने पूछा, “क्या आप मुझे बता सकते हैं , हाल ही में किसी ने धार्मिक अनुष्ठान नहीं किया.”
यह बुलेटिन संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले जारी किये गये दस से भी अधिक परामर्श में से एक है.
एक अधिकारी ने कहा कि इस तरह के परामर्श परंपरा अनुसार जारी किये जाते रहे हैंपिछले वर्ष शीतकालीन सत्र के दौरान संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन के लिए राज्यसभा के 12 सदस्यों को सदन से निलंबित कर दिया गया था.
