दिल्ली में मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में श्री डोभाल ने कहा था कि अग्निपथ योजना को वापस लेने का अब कोई सवाल ही नहीं उठता है और न ही इसे लेकर देश में हो रही हिंसा को बर्दाश्त किया जाएगा।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सशस्त्र बलों में सैनिकों की अल्पकालिक संविदा भर्ती के लिए अग्निपथ योजना को रद्द करने की मांग की।
हैदराबाद लोकसभा सीट से सांसद श्री ओवैसी ने ट्वीट करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस बात से सहमत हैं कि कम समयावधि के लिए सैनिकों की भर्ती से वे सही से प्रशिक्षित नहीं हो पाएंगे, ऐसे में नियमित सैनिकों के साथ बराबरी कर पाना उनके लिए संभव नहीं होगा। फिर जब बाद में सिर्फ 25 फीसदियों का ही चयन नियमित सेना में किया जाएगा, तो क्या हमारी सेना मात्र संविदा जवानों से बना रह जाएगा।
दिल्ली में मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में श्री डोभाल ने कहा था कि अग्निपथ योजना को वापस लेने का अब कोई सवाल ही नहीं उठता है और न ही इसे लेकर देश में हो रही हिंसा को बर्दाश्त किया जाएगा।
जनाब ओवैसी ने कहा कि श्री डोभाल को यह समझना चाहिए,“ हमारी सेना का संगठनात्मक ढांचा क्या रहा है। किस तरह से इतने कम समय के लिए प्रशिक्षित जवान युद्ध के आधुनिक तौर-तरीकों का सामना कर पाएंगे। यह सोचा जाना चाहिए कि आधुनिक तकनीकों को बेहतर जवानों की आश्यकता है।”
फैसला गलत हो तो वापस ले लेना चाहिए
एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि जब फैसला गलत हो तो उसे वापस ले लेना चाहिए। युवा देश का भविष्य हैं और प्रधानमंत्री को उनकी बात सुनने की अच्छी समझ होनी चाहिए, अल्पकालीन संविदा भर्ती के लिए इस योजना को अभी रद्द करें।
उधर सेना, नौसेना और वायुसेना की ओर से लगातार कई तरह की आशंकाओं और अफवाहों को क्लियर किया जा रहा है। 14 जून को घोषणा के बाद कई राज्यों में हिंसक विरोध प्रदर्शन देखा गया था। अब सैन्य अधिकारी ने एक बार कई चीजें स्पष्ट की है। उन्होंने अग्रिवीरों को सुविधाएं, पदक मिलने पर स्पष्ट रूप से बताया है।
अग्निपथ स्कीम पर मचे बवाल के बीच आज तीनों सेनाओं में से मिलिट्री अफेयर्स के अपर सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कई तरह की आशंकाएं खारिज करते हुए कहा कि अगर अग्निवीर कहीं लड़ाई लड़ेगा तो उसे परमवीर चक्र भी मिलेगा। उसे किसी भी तरह से अलग नहीं रखा गया है। अग्निवीरों की भर्ती को लेकर पुरी ने यह भी कहा कि तैनाती गणित का एग्जाम नहीं होता। इनकी उम्र साढ़े 17 से 21 साल है, ये 25 साल में निकलेंगे। वह तेज़ दौड़ेंगे, फायरिंग सटीक होगी… नए युवक की डिसिजन मेकिंग साइकल छोटी होगी। डर कर भागने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब आगे वाला उसका भाई पीछे नहीं आ रहा तो वह नहीं आ सकता। उन्होंने आगे कहा कि मैं आपको बताना नहीं चाहता कि जो तैनाती वाली जगह से भागने की कोशिश करे उनके साथ क्या होता है।
उन्होंने इस स्कीम को सीधा देश भक्ति से जोड़ते हुए कहा कि हम देशभक्ति का चांस दे रहे हैं।
