Sunday, March 29, 2026

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा योग को धर्म और मजहब से जोड़ना अति दुर्भाग्यपूर्ण

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आरोग्य भारती की ओर से आयोजित एक देश, एक स्वास्थ्य – वर्तमान समय की आवश्यकता पर ‘आरोग्य मंथन’ कार्यक्रम को संबोधित करते समय कहा योग को धर्म और मजहब से जोड़ना अति दुर्भाग्यपूर्ण है.

भोपाल: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज कहा कि कुछ लोग योग को धर्म और मजहब से जोड़ रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

श्री कोविंद आज यहां आरोग्य भारती की ओर से आयोजित एक देश, एक स्वास्थ्य – वर्तमान समय की आवश्यकता पर ‘आरोग्य मंथन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

इस दौरान उन्होंने स्वस्थ रहने के लिए सरल जीवनशैली, संतुलित खानपान और योग आदि पर जोर दिया.

इसी क्रम में उन्होंने कहा कि कुछ लोग गलतफहमी फैलाने के लिए योग को धर्म और मजहब से जोड़ देते हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि किसी डॉक्टर के पास अगर दो मजहब के लोग जाएं और डॉक्टर उन्हें योगासन करने को कहे तो कोई भी मजहब का व्यक्ति डॉक्टर का विरोध नहीं करेगा क्योंकि उसे अपने स्वास्थ्य की चिंता है.

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुधार के लिए वह व्यक्ति योग अवश्य करेगा.

राष्ट्रपति ने कहा कि ये मुद्दे भ्रांतियां फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.

रोग निवारण में कभी भी मजहब आड़े नहीं आता.

इस पर भी ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है.

समझने की आवश्यकता है कि प्रकृति के साथ संपर्क में रह कर ही स्वस्थ रहा जा सकता है.

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