Sunday, March 29, 2026

बुद्ध पूर्णिमा पर इंटरनेशनल सेंटर फॉर बौद्ध कल्चर का शिलान्यास, उप राष्ट्रपति का संदेश और मायावती की शुभकामनायें

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बुद्ध पूर्णमा के अवसर पर जारी संदेश में मायावती ने कहा, “सत्य, अहिंसा, भाईचारा व मानवता की आदर्श ज्योति को दुनिया भर में फैलाकर भारत को जगतगुरु का सम्मान दिलाने वाले

बुद्ध पूर्णिमा (वेसक या हनमतसूरी) बौद्ध धर्म में आस्था रखने वालों का एक प्रमुख त्यौहार है। यह बैसाख माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था, इसी दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और इसी दिन उनका महानिर्वाण भी हुआ था। 563 BC में बैसाख महीने की पूर्णिमा को बुद्ध का जन्म लुंबिनी, शाक्य राज्य (आज का नेपाल) में हुआ था। इस पूर्णिमा के दिन ही 483 BC, 80 वर्ष की उमर में ‘कुशनारा’ में में उनका महापरिनिर्वाण हुआ था। वर्तमान समय का कुशीनगर ही उस समय ‘कुशनारा’ था। इस साल 2022 में बुद्ध पूर्णिमा आज ही के दिन 16 मई को है।

मोदी ने किया, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर फॉर बौद्ध कल्चर एंड हेरिटेज का शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री शेरबहादुर देऊबा ने वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आज यहां लुम्बनी मठ में भारत के सहयोग से बनने वाले इंडिया इंटरनेशनल सेंटर फॉर बौद्ध कल्चर एंड हेरिटेज का शिलान्यास किया।

श्री मोदी नेपाल में अपनी यात्रा के कार्यक्रम में मायादेवी मंदिर के दर्शन करने के बाद लुम्बिनी मठ के पश्चिमी भाग में पहुंचे जहां एक बड़े पंडाल में शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। पंडाल में दस से अधिक लामा मौजूद थे। श्री मोदी, श्री देऊबा और उनकी पत्नी श्रीमती आरज़ू राणा देऊबा ने सबसे पहले वहां रखी एक एक बुद्ध प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद वे शिलान्यास स्थल की ओर गये और वहां तीन चौकियों पर दोनों प्रधानमंत्री बैठे। श्रीमती देऊबा चौकी पर नहीं बैठीं और श्री देऊबा के पीछे खड़ी हो गयीं।

इसके बाद लामाओं ने बौद्ध मंत्रों का उच्चारण शुरू किया जो करीब 15 मिनट तक चला। इस दौरान श्री मोदी आंखें बंद करके श्रद्धाभाव से हाथ जोड़े रहे। मंत्रोच्चार के बाद दोनों प्रधानमंत्रियों ने पूजन के पश्चात एक शिला को नींव में मिलकर रखा। इसके पश्चात श्री मोदी ने वहां मौजूद लामाओं को एक एक शाल एवं कुछ दक्षिणा का लिफाफा भेंट किया।

लुम्बिनी में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर फॉर बौद्ध कल्चर एंड हेरिटेज का निर्माण नयी दिल्ली स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ की पहल पर हो रहा है। इस केन्द्र की आकृति कमल के पुष्प के समान है। नीचे कमल दल के आकार के बड़े हॉल और ऊपर कमल की पंखुड़ियों की आकृति सुनहरे रंग की होगी। श्री मोदी ने नेपाल यात्रा पर जाने के पूर्व अपने वक्तव्य में कहा था, में “लुंबिनी मठ क्षेत्र में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर फॉर बौद्ध कल्चर एंड हेरिटेज के “शिलान्यास” समारोह में भी भाग लूंगा।”

शिलान्यास कार्यक्रम के बाद श्री मोदी विश्राम और द्विपक्षीय वार्ता के लिए होटल पहुंचे जहां बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग उनका गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए मौजूद थे। श्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों से बहुत आत्मीयता से मिले। एक किशोर ने भगवान बुद्ध और श्री मोदी का एक स्केच बनाया था। श्री मोदी ने उस स्केच पर अपने हस्ताक्षर किये।

वेंकैया नायडू ने कहा बुद्ध के मार्ग से शांति सुनिश्चित

उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा है कि महात्मा बुद्ध के मार्ग से ही शांति और प्रगति सुनिश्चित होगी। श्री नायडू ने सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर यहां जारी एक संदेश में कहा कि तथागत बुद्ध, हमारी उस आध्यात्मिक परंपरा के मूर्धन्य आचार्य हैं, जिसने भारत को विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठा दिलायी। उनका दिखाया अष्टांग मार्ग और पंचशील ही, विश्व में स्थायी शांति और सतत प्रगति सुनिश्चित कर सकते हैं। उप राष्ट्रपति ने कहा, ” बुद्ध जयंती के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।”

मायावती ने दी बुद्ध पूर्णमा की शुभकामनायें

उधर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने बौद्ध धर्म के प्रवर्तक गौतम बुद्ध की जयंती ‘बुद्ध पूर्णिमा’ के अवसर पर सोमवार को बौद्ध धर्म के दुनिया भर में रह रहे अनुयायीयों को शुभकामनायें दी है।

बुद्ध पूर्णमा के अवसर पर जारी संदेश में मायावती ने कहा, “सत्य, अहिंसा, भाईचारा व मानवता की आदर्श ज्योति को दुनिया भर में फैलाकर भारत को जगतगुरु का सम्मान दिलाने वाले

महामानवतावादी तथागत गौतम बुद्ध को उनकी जयंती पर देश व विदेशों में रहने वाले उनके सभी अनुयायीयों को बुद्ध पूर्णमा की हार्दिक बधाई।” उन्होंने सुख, शांति तथा गरीबी व लाचारी मुक्त जीवन की कामना करते हुए बुद्ध पूर्णमा के अवसर पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर माथा टेकने वाले अन्य दलों के नेताओं पर कटाक्ष भी किया।

मायावती ने कहा, “माथा टेकना अलग बात है, लेकिन तथागत गौतम बुद्ध जैसे संतों, गुरुओं व महापुरुषों आदि के आदर्श पर चलकर जनता के जीवन को सुखी बनाने की व्यापक उपयोगिता व सार्थकता है।” उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के बताये आदर्शों पर ही चलकर बसपा सरकार ने उत्तर प्रदेश में सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय के सिद्धांत का पालन करते हुए गरीब कल्याण के काम किये।

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