Sunday, March 29, 2026

‘बुल्ली बाई ऐप’ मामले के आरोपी और ‘सुली डील्स’ के निर्माता को कोर्ट ने ‘मानवीय आधार’ पर दी ज़मानत

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दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को ‘बुल्ली बाई ऐप’ मामले के आरोपी नीरज बिश्नोई और ‘सुली डील्स’ (Bulli Bai, Sulli Deals) ऐप के निर्माता ओंकारेश्वर ठाकुर को मानवीय आधार पर जमानत दे दी.

दिल्ली की एक अदालत ने ‘बुल्ली बाई ऐप’ केस के आरोपी नीरज बिश्नोई और ‘सुली डील्स’ (Bulli Bai, Sulli Deals) ऐप के निर्माता ओंकारेश्वर ठाकुर को मानवीय आधार पर ज़मानत दे दी है.

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को ‘बुल्ली बाई ऐप’ मामले के आरोपी नीरज बिश्नोई और ‘सुली डील्स’ (Bulli Bai, Sulli Deals) ऐप के निर्माता ओंकारेश्वर ठाकुर को मानवीय आधार पर जमानत दे दी. अदालत ने माना कि आरोपी पहली बार अपराधी हैं और लगातार जेल में रहना उनकी भलाई के लिए हानिकारक होगा. अदालत ने आरोपी व्यक्तियों पर सख्त शर्तें लगाई हैं. ताकि वे किसी गवाह को धमका न सकें और किसी भी सबूत को खराब न कर सकें.

शर्तों में ये शामिल है कि आरोपी व्यक्ति किसी भी पीड़ित से संपर्क करने, प्रभावित करने, प्रेरित करने का प्रयास नहीं करेगा. आदेश में कहा गया है कि आरोपी व्यक्ति सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेगा, जांच अधिकारी को अपना संपर्क विवरण प्रदान करेगा और अपना फोन चालू रखेगा और आईओ को अपना स्थान प्रदान करेगा. आदेश में कहा गया है कि आरोपी देश छोड़कर नहीं जाएंगे और हर तारीख को अदालत के सामने पेश होंगे. जमानत पर रहते हुए एक समान अपराध नहीं करेंगे.

सुल्ली डील्स ऐप को जुलाई 2021 में Github प्लेटफॉर्म पर बनाया गया था. इस ऐप में एक धर्म विशेष की महिलाओं के लिए अपमानित शब्दों का इस्तेमाल था. यहां उनकी नीलामी भी होती थी.

जो महिलाएं सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती थीं, वे इस ऐप के जरिए निशाना बनाई जाती थीं.

सुल्ली डील्स के बाद बुल्ली बाई ऐप के बारे में जानकारी सामने आई थी. ये भी Github प्लेटफॉर्म पर बनाया गया था. इस ऐप का मामला तब सामने आया था, जब एक महिला पत्रकार ने पुलिस के पास जाकर ये शिकायत दर्ज करवाई थी कि मोबाइल ऐप पर कुछ लोग उसे टारगेट कर रहे हैं.

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