नसीरिया फाउंडेशन ने किशनगंज जिले के पुठिया ब्लॉक के एक क्षेत्र पनासी में गरीबों के लिए चिकित्सक सलाह और उपचार के लिए नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया.
किशनगंज: शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता के लिए काम करने वाले समाजी संस्था नसीरिया फाउंडेशन ने किशनगंज जिले के पुठिया ब्लॉक में स्थित पनासी में आज गरीबों के चिकित्सा सलाह और उपचार के लिए एक नि: शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जो सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जारी रहा.
चिकित्सा शिविर में चिकित्सा और सर्जन के अलवा विभिन्न बिमरियो के विशेषज्ञ मौजुद थे जिनमें न्यूरो सर्जन, प्लास्टिक सर्जन, दंत चिकित्सक के साथ महिलाएं और बच्चे के विशेषज्ञ शामिल हैं.
डॉक्टरों की विशेष टीमे सिलीगुड़ी स्तिथ हॉस्पिटल शांति नर्सींग होम के अलावा इस्लामपुर (पश्चिम बंगाल) के रॉयल मेडिकल हॉल व नसीरी डे क्यर से भी आई थी जिसकी निगरानी जन्र्ल और प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर सुहैब अख्तर नसीरी ने की.
बिहार के सीमांचल में यह एक एसा इलाक़ा है जहाँ कोई सरकारी अस्पताल बराए नम ही है.
इस मेडिकल कैंप के संवेदनशील कार्यकर्ता और नसीरिया फाउंडेशन के सदस्य ज़फ़ीर हुसैन ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कई ऐसे मरीज भी शिविर में आए थे जो सरकारी अस्पताल न होने और अपनी वित्तीय तंगी के कारण इससे पहले कभी डॉक्टर के पास गए ही नहीं.
बताया जाता है कि इस शिविर तकरीबन एक हजार लोगों की जाँच की गई और मुफ्त दवाएँ दी गईं.
शिविर कार्यवाहक डॉक्टर सुहैब अख्तर के अलावा जिन महत्वपूर्ण डॉक्टरों ने अपनी सेवा प्रदान की इनमें डॉo मोहम्मद अख्तर रज़ा (जनरल सर्जन एवं लेपरोस्कोपिक सर्जन), डॉo विकास सिंह (न्यूरोसर्जन), डॉo मोo नईम अली (आर्थोपेडिक्स) के नाम महत्वपूर्ण हैं.
गौरतलब है कि सीमांचल के इस क्षेत्र में बेहद गरीबी है जहां पर लोगों को स्वस्थ भोजन और साफ पानी मयस्सर न होने की वजह से उनके स्वास्थ्य की स्थिति बहुत खराब रहती है.
न तो उनके पास डॉक्टरों की बहुत सारी फीस देने के लिए पैसे होते हैं, न ही स्वास्थ्य की देखभाल के लिए कोई सरकारी इंतजाम है.
अधिकांश गरीब अपना इलाज नहीं कर पाते हैं.
नासिरिया फाउंडेशन अक्सर जमीनी स्त्र पर काम करता है.
फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ जलीस अख्तर नसीरी ने एक बार फिर सीमांचल के गरीब लोगों की दयनीय स्वास्थ्य स्थिति पर अपनी चिंता जताई है.
फाउंडेशन के सचिव श्री मुफ्ती जुल्फकार अहमद अशरफ़ी ने कहा कि क्षेत्र की शिक्षा व स्वास्थ्य का बहुत बुरा हाल है, इसलिए हमारा संस्था शिक्षा के लिए जागरूकता और स्वास्थ के लिए जमीनी स्तर पर करते राहत है.
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि पिछले दो सालों में पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से परेशान है और बड़ी संख्या में लोग इस महामारी में अपनी जानें गंवां चुके हैं.
आम लोगों में भी कोरोना वायरस को लेकर अफवाहें का बाज़ार गरम था.
नसीरिया फाउंडेशन ने महामारी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए कड़ी मेहनत की, लोगों को बताया कि किसी भी चीज़ की जानकारी विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त की जानी चाहिए, अफवाहों से नहीं.
जिस तरह कोरोना को लेकर कई तरह की अफवाहें फैली हुईं थीं, उसी तरह कोरोना टीकाकरण को लेकर अफवाहों का बाज़ार गरम था.
नसीरिया फाउंडेशन ने अधिक जानने प्राप्त करने के लिए विभिन्न डॉक्टरों, फार्मास्युटिकल वैज्ञानिकों और अन्य विशेषज्ञों से संपर्क किया था.
फाउंडेशन का हमेशा से मानना रहा है कि सूचना का स्रोत अफवाह नहीं बल्कि सही मवाद का अध्ययन और विशेषज्ञों से परामर्श से होना चाहिए.

