Monday, March 30, 2026

लालू को फिर से जेल और जुर्माना की सज़ा पर लोगों और खुद लालू की प्रतिक्रीया

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कोर्ट का फैलसा आने के बाद लालू ने एक बहुत ही एमोशनल ट्वीट क्या

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को डोरंडा कोषागार से जुड़े चारा घोटाले में पांच साल की सजा सुनाई जा चुकी है. उनपर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के जज एसके शशि ने यह फैसला सुनाया. लालू के वकील ने बताया कि आगे बेल के लिए अर्ज़ी दी जाएगी, लेकिन बेल नहीं मिलने तक लालू को जेल में ही रहना पड़ेगा.

कोर्ट का फैलसा आने के बाद लालू ने एक बहुत ही एमोशनल ट्वीट क्या है. वो लिखते हैं कि:

अन्याय असमानता से
तानाशाही ज़ुल्मी सत्ता से
लड़ा हूँ लड़ता रहूँगा
डाल कर आँखों में आँखें
सच जिसकी ताक़त है
साथ है जिसके जनता
उसके हौसले क्या तोड़ेंगी सलाख़ें

फिर आगे एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि:

“मैं उनसे लड़ता हूँ जो लोगों को आपस में लड़ाते है वो हरा नहीं सकते इसलिए साजिशों से फँसाते है ना डरा ना झुका, सदा लड़ा हूँ, लड़ता ही रहूँगा लड़ाकों का संघर्ष कायरों को ना समझ आया है ना आएगा.”

इसपर नेटीजेन्स ने अलग अलग तरीक़े से प्रतिक्रीया ज़ाहिर क्या है. लालू के ट्वीट का जवाब देते हुए एक ने लिखा है कि, “आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव जी के साथ हो रही नाइंसाफी का हम बदला जरूर लेंगे। इंकलाब ज़िंदाबाद.”

वहीं एक दूसरा व्यक्ति लिखता है, “बिहार के गरीब जनता का श्राप है लालू जी आज हर जगह बिहारी को गाली मिल रही रोजगार बिहार से चला गया लोग डर से जीते थे उसी पापो का परिणाम है. जिंदगी जेल मे कटे यही दुआ करूँगा.”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के संबंध में कहा कि ना जाने उन्हें कब न्याय मिलेगा.
राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने ट्वीट के जरिए कहा है, ‘लालू प्रसाद यादव जी को ना जाने कब न्याय मिलेगा?

जिन लोगों ने ‘चारा’ खाया व खिलाया वो खुलेआम घूम रहे हैं और लालू जी, जिन्होंने इस प्रकरण को सीबीआई को सौंपा, उन्हें सज़ा पर सज़ा सुनायी जा रही है। मेरी सहानुभूति लालू जी व उनके परिवार के साथ है।’

बता दें कि लालू प्रसाद यादव को पहले भी चारा घोटाले से जुड़े चार मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है. इनमें फिलहाल लालू बेल पर चल रहे हैं. इनमें भी उनको हाईकोर्ट से ज़मानत मिली थी. लोअर कोर्ट या ट्रायल कोर्ट ने उनको इसमें राहत नहीं दी थी. बाद में हाईकोर्ट में कुछ सज़ा काटने और हेल्थ प्रॉब्लेम की दलील दिए जाने की वजह से हाईकोर्ट ने उनको ज़मानत दी थी.

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