भाजपा नेता वरुण गांधी के एक इंटरव्यू के दौरान जब पुछा गया, लखीमपुर खीरी हत्या कांड में भाजपा मंत्री का इस्तीफा अब भी नहीं हुआ है. वरुण गांधी ने इस पर कहा कि अजय मिश्रा को केंद्र सरकार संरक्षण दे रही है, आखिर सरकार साबित क्या करना चाहती है?
लखीमपुर खीरी हत्या कांड में भाजपा नेता और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का इस्तीफा अभी भी नहीं हुआ है. वरुण गांधी ने इस पर कहा कि अजय मिश्रा को केंद्र सरकार संरक्षण दे रही है, आखिर इससे सरकार क्या साबित करना चाहती है? यह सवाल सांसद और भाजपा नेता वरुण गांधी ने दैनिक भास्कर को दिए गए एक इंटरव्यू में उठाया है.
वरुण गांधी ने किसान आंदोलन के बारे में बात करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के किसान ‘वोट की चोट’ का अपना कार्यक्रम और तेज़ कर सकते हैं, जिससे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा का नुक़सान हो सकता है. उन्होने साफ तौर पर कहा है कि यह समझना चाहिए कि किसान आंदोलन अभी स्थगित हुआ है, समाप्त नहीं.
उन्होंने अपने इंटरव्यू में कहा कि “लोकतंत्र में हर जन आंदोलन की अपनी एक ताक़त होती है, उसकी एक तासीर होती है. जेपी आंदोलन से लेकर अन्ना आंदोलन ने इस बात को हर बार साबित किया है कि जन आंदोलन सरकार बदलने की भी क़ुव्वत रखते हैं और नेतृत्व का नया मिथक गढ़ने का भी दम रखते हैं. अभी कई मुद्दों पर किसानों को सरकार से जवाब मिलना बाक़ी है.”
इन मुद्दों को गिनते हुए उन्हों MSP पर कानूनी गारंटी, लखीमपुर कांड में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का इस्तीफा न देने का मुद्दा उठाया. गांधी ने सवाल उठाया कि उन्हें संरक्षण देकर केंद्र सरकार क्या साबित करना चाहती है?
वरुण गांधी ने मुआवज़ा और किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी के बारे में बात करते हुए कहा कि इनकी मांग अब भी जारी है. उन्होंने अपनी ही पार्टी कि सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने किसानों की बात फिर अनसुनी कर दी तो किसान आंदोलन फिर से शुरू हो सकता है.

