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Wednesday, January 21, 2026

भारत के विरुद्ध विषाक्त दुष्प्रचार में लगे पाकिस्तान के 35 यूट्यूब चैनलों पर रोक

इंडियाभारत के विरुद्ध विषाक्त दुष्प्रचार में लगे पाकिस्तान के 35 यूट्यूब चैनलों पर रोक

अपूर्व चंद्रा ने बताया कि ये सभी चैनल्स और अकाउंट पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे और भारत विरोधी बेबुनयाद खबरें और अन्य सामग्री फैला रहे थे. जिसकी वजह से 35 यूट्यूब चैनलों पर रोक लगाने के आदेश दिए गए है.

नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश विरोधी दुष्प्रचार की सामग्री फैलाने वाले 35 यूट्यूब चैनलों पर रोक के साथ-साथ दो वेबसाइटों, दो ट्विटर अकाउंट, दो इंस्टाग्राम अकाउंट के साथ एक फेसबुक अकाउंट को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए हैं.

शुक्रवार को नई दिल्ली में सूचना और प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्रा ने एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इन चैनल्स के ज़रिए भारत विरोधी दुष्प्रचार किया जा रहा था.

उन्होंने कहा कि ये सभी चैनल्स और अकाउंट पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे और भारत विरोधी बेबुनयाद खबरें और अन्य सामग्री फैला रहे थे. देश की संप्रभुता के लिए खतरा थे और परोक्ष तौर पर सूचना और समाचार तंत्र (information and news system) के माध्यम से एक तरह से देश में खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसा काम कर रहे थे.

यही वजह है कि सूचना प्रौद्योगिकी क़ानून की धारा 69 ए का इस्तेमाल करते हुए इन्हें अवरुद्ध कर दिया गया है.

सूचना प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव विक्रम सहाय ने कहा कि इन 35 यूट्यूब अकाउंट्स के सब्सक्राइबर्स की कुल तादाद एक करोड़ 21 लाख से ज़्यादा थी और उनके वीडियो को 132 करोड़ से अधिक बार देखा गया था.

सूचना प्रसारण मंत्री (Information and Broadcasting Minister) अनुराग ठाकुर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भविष्य में जो भी चैनल, पोर्टल, वेबसाइट या सोशल मीडिया एकाउंट से भारत के खिलाफ़ षड्यंत्र रचेगा, देश को बांटने और लोगो को गुमराह करने का काम करेगा उसपर कार्यवाई की जाएगी.

उन्होंने कहा कि “मुझे खुशी है कि बड़े बड़े देशों ने भी इसका संज्ञान लिया है और खुद यूट्यूब ने भी ऐसी चैनलों को बंद किया है.”

मंत्रालय की ओर से दी गयी जानकारी के मुताबिक़ भारतीय खुफिया एजेंसियां इन सोशल मीडिया अकाउंट्स और वेबसाइटों की बारीकी से निगरानी कर रही थीं और उन्होंने इन सोशल मीडिया एकाउंट पर तत्काल कार्रवाई की सिफ़ारिश की थी.

सूचना एवं प्रसार सचिव ने कहा कि “मंत्रालय द्वारा अवरुद्ध किए गए 35 खाते सभी पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे और ये भारत के विरुद्ध समन्वित दुष्प्रचार करने वाले नेटवर्क का हिस्सा थे.”

इनमें यूट्यूब 14 चैनल संचालित करने वाला अपनी दुनिया नेटवर्क और 13 चैनल संचालित करने वाला तल्हा फिल्म्स नेटवर्क शामिल है.

जिन समाचार चैनलों पर पाबंदी लगायी गयी है उनमें खबर विद फैक्ट्स, खबर ताईज़, ग्लोबल ट्रुथ, ग्लोबल फैक्ट्स, इंफॉर्मेशन हब, फ्लैश नॉऊ, अपनी दुनिया नेटवर्क के चैनल फैसल तरार स्पीक्स, अपनी दुनिया टीवी, हक़ीक़त की दुनिया, शहज़ाद अब्बास, मेरा पाकिस्तान विथ सहाब, खबर विद अहमद, एचआर टीवी, सबी काज़मी, सच टीवी नेटवर्क, साक़ीब स्पीक्स, सलमान हैदर आफीशियल, साजिद गोंडाल स्पीक्स, मलीहा स्पीक्स, मलीहस हाशमी, उमर दराज़ गोंडाल, तलहा फिल्म्स के यू-ट्यूब चैनल खोजी टीवी, खोजी टीवी 2.0, कवर प्वाइंट, जुनैद फ्लिक्स, नेशनल स्टूडियो, इन्फरमेटिव वर्ल्ड, दुनिया ऑफिशियल, स्टूडियो 360, हकीकत टीवी न्यूज, हक़ीक़त टीवी 786, बोल मीडिया टीवी, उर्दू स्टूडियो और ज़की अब्बास नाम का चैनल शामिल है.

इसके अलावा व्हाइट न्यूज़ और डीनॉऊ चैनल पर भी पाबंदी लगायी गयी है.

प्रतिबंधित किए गए इन चैनल, वेबसाइट और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट का उपयोग पाकिस्तान द्वारा भारत से संबंधित संवेदनशील विषयों के बारे में भारत विरोधी भ्रामक खबरें फैलाने के लिए किया गया था.

इनमें भारतीय सेना, जम्मू और कश्मीर और अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों जैसे संवेदनशील विषय शामिल हैं.

पूर्व सीडीएस स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत के निधन के संबंध में इन चैनलों के माध्यम से बड़े पैमाने पर फर्जी खबरें फैलाई गईं.

अधिकारियों के मुताबिक इन चैनलों पर अयोध्या जैसे मुद्दों पर भ्रामक, भड़काऊ और फर्जी कंटेंट डाले जा रहे थे.

उनके जरिये विभिन्न संवेदनशील विषयों के बारे में फर्जी खबरें फैलाई जा रही थीं.

इन चैनलों का इस्तेमाल कश्मीर, भारतीय सेना, भारत में अल्पसंख्यक समुदायों की स्थिति जैसे विषयों पर भ्रामक और गलत जानकारी पोस्ट की जा रही थी

इन चैनलों द्वारा राम मंदिर, जनरल बिपिन रावत, जम्मू-कश्मीर और अयोध्या को लेकर झूठी खबरें फैलाई जाती थीं.

यही नहीं नागरिकता संशोधन कानून ( सीएए ) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर ( एनआरसी ) और अन्य मुद्दों पर भी भड़काऊ सामग्री डाली जा रही थी.

ये सभी नेटवर्क भारतीय दर्शकों की ओर उन्मुख नकली समाचार फैलाने के एक ही लक्ष्य के साथ संचालित होते दिखाई दिए.

जो चैनल एक नेटवर्क का हिस्सा थे, वे आम तौर पर हैशटैग और संपादन शैलियों का इस्तेमाल करते थे तथा एक-दूसरे की सामग्री को प्रचारित कर रहे थे.

इनमें कुछ चैनल पाकिस्तानी टीवी समाचार चैनलों के एंकर द्वारा संचालित किए जा रहे थे.

इन चैनलों के माध्यम से बड़े पैमाने पर फर्जी खबरें फैलाई गईं.

इन चैनलों ने पांच राज्यों में आगामी चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने के लिए सामग्री पोस्ट करना भी शुरू कर दिया था.

सरकार द्वारा हाल ही में की गई कार्रवाई दिसंबर, 2021 में 20 यूट्यूब चैनलों पर रोक और 2 वेबसाइटों के बाद आईटी नियम, 2021 के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग कर की गयी दूसरी कार्रवाई है.

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