Tuesday, March 31, 2026

सिद्धू: रैली में कम भीड़ देख प्रधानमंत्री अपनी इज्जत बचाने के लिये सुरक्षा चूक का रचाया नाटक

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नवजोत सिद्धू ने कहा कि रैली में 70,000 कुर्सियां थी और सिर्फ 500 लोग बैठे थे ऐसे में प्रधानमंत्री की इज्जत का सवाल था तो वे वहां जाकर क्या करते. इसलिये प्रधानमंत्री ने सुरक्षा चूक का नाटक रचाया.

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिद्धू ने कहा है कि सच तो यह है कि जब फिरोजपुर रैली में लोग ही कम थे तो वहां जाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी क्या करते, इसलिये सुरक्षा चूक का नाटक रचा गया.

श्री सिद्धू ने आज पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों से कहा कि रैली में सत्तर हजार कुर्सियां लगी थी और लोग पांच सौ बैठे थे ऐसे में प्रधानमंत्री की इज्जत का सवाल था और वो वहां जाकर क्या करते. पीएम की जान की कीमत बच्चा-बच्चा जानता है. पीएम देश का होता है.

श्री मोदी को जान को काेई खतरा था ही नहीं. सुरक्षा के नाम पर ड्रामा हो रहा है. भाजपा कांग्रेस को बदनाम कर रही है.

पीएम का जान को खतरा कहना पंजाबियत पर कलंक है. पीएम एक इंस्टीट्शन है जिसकी गरिमा को बनाये रखना हमारा कर्तव्य है.

उन्होंने कहा कि क्या केन्द्रीय एजेंसियां इसके लिये जिम्मेदार नहीं.

सड़क से जाने का कोई प्लान नहीं था तो कैसे सड़क मार्ग से गये. उनकी सुरक्षा में दस हजार लोग लगे होते हैं.

उन्होंने कहा कि मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि भाजपा ऐसा पहली बार नहीं कर रही. भगवान के लिये पंजाब तथा पंजाबियत पर कालिख न पोती जाये. पंजाबियों की देशभक्ति पर कोई उंगली न उठाये क्योंकि वे कभी अपने प्रधानमंत्री को नुकसान पहुंचाने की सोच भी नहीं सकते.

उन्होंने कहा कि दसअसल यह पंजाब को बदनाम कर दूसरे राज्यों में चुनाव के समय लाभ लेने की साजिश हो रही है. पंजाब के मुद्दों की बात कहां गयी. किसान, रोजगार, भावी पीढ़ी की बात कोई नहीं कर रहा.

भाजपा जानती है कि उसके पास पंजाब में न तो वोट है न सपोर्ट. उसका जनाधार खत्म हो गया है. बस सुरक्षा का रट्टा लगाकर पंजाब को बदनाम कर रहे हैं.

भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह जैसे तोते रखे हुये हैं जो केवल सुरक्षा की रट लगा रहे हैं. जिस रैली को कम संख्या के कारण पीएम संबोधित नहीं कर सके उसे कैप्टन सिंह ने संबोधित कर सकते हैं.

श्री सिद्धू ने कहा कि पंजाब कांग्रेस का हर कार्यकर्ता अंतिम समय तक देश के लिये अपनी जान दे देगा लेकिन ऐसा कोई काम नहीं करेगा जिससे पंजाबियत पर आंच आती हो.

भाजपा पंजाब को बदनाम करना बंद करे. किसान जब डेढ साल दिल्ली की सीमा पर अपना हक मांगने डटा रहा तो किसी ने उसे खालिस्तानी, आतंकवादी, मवाला तक कहा. मैं इतना जानता हूं कि बेशक साठ फीसदी किसान आपके विरोध में खड़े रहे हों लेकिन किसी में हिंसा की कोई बात नहीं थी.

जिन राज्यों में चुनाव होने हैं वहां भाजपा मुद्दा बनाने के लिये यह स्वांग रच रही है. यह सब राजनीतिक नाकटबाजी हो रही है.

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