बिहार में ओमीक्रॉन संक्रमण का मामला सामने आया. इस पर नीतीश कुमार ने कहा की कोरोना के नये वेरिएंट से संक्रमित होने वालों की पहचान के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग जांच का प्रबन्ध जल्द किया जाएगा.
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में ओमीक्रॉन संक्रमण का मामला सामने आने के बाद आज कहा कि कोरोना के इस नये स्वरूप से संक्रमित होने वालों की पहचान के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की व्यवस्था शीघ्र की जाएगी.
श्री कुमार ने शुक्रवार को यहां पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन के पिता एवं पूर्व विधायक स्व. नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा की 16वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए थे.
कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि ओमीक्रॉन की जांच के लिए सैंपल यहां से दिल्ली भेजा जाता है और वहां से इसकी जांच कर रिपोर्ट आती है. अभी इस संबंध में एक मामला सामने आया है.
जांच की व्यवस्था यहीं करने को लेकर वह आज अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे ताकि जल्द से जल्द जांच की रिपोर्ट आ सके.
मुख्यमंत्री ने कहा, “कोरोना का तीसरा दौर शुरू हुआ है. हम लोगों को इसको लेकर सजग रहना है. सारी तैयारियां की गई हैं. कोरोना के मामले काफी कम थे, 10 दिन पहले 50 से नीचे मामले थे. कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, खासकर पटना और गया में. बाहर से आनेवाले लोगों और उनके संपर्क में आने के कारण कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. हम लोग लगातार जांच की संख्या बढ़ा रहे हैं.”
श्री कुमार ने समाज सुधार अभियान पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवाल पर कहा कि समाज सुधार अभियान का बहुत व्यापक प्रभाव है.
इसमें कितने लोग शामिल हो रहे हैं. कौन क्या बोलता है, इस पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है.
वह लोगों को नशा मुक्ति तथा बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन को लेकर जागरूक कर रहे हैं.
समाज में प्रेम और सौहार्द्र का वातावरण रहे.

