अरुणाचल प्रदेश के 15 जगहों का नाम चीन ने अपनी भाषा में करने को भारत ने बताया अर्थहीन. और यह पहली बार नहीं है जब चीन ने अरुणाचल प्रदेश के स्थानों का नाम अपनी भाषा में किया हो.
नयी दिल्ली: भारत ने चीन के अरुणाचल प्रदेश के 15 जगहों के नाम अपनी भाषा में किये जाने को निरर्थक बताते हुए गुरूवार को कहा कि ऐसे नाम रखने से यह तथ्य नहीं बदलेगा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने नई दिल्ली में गुरुवार को संवाददाताओं के सवालों पर कहा कि हमने ऐसी रिपोर्टें देखी हैं.
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— Zee News (@ZeeNews) December 31, 2021
यह पहली बार नहीं है जब चीन ने अरुणाचल प्रदेश के स्थानों का अपनी भाषा में नामकरण किया है. अप्रैल 2017 में भी चीन ऐसा कर चुका है.
श्री बागची ने कहा कि स्थानों के नये नाम रखने से यह तथ्य नहीं बदलता है कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा से भारत का अटूट हिस्सा रहा है और रहेगा.
चीनी सरकार ने चीन के नक्शे में अरुणाचल प्रदेश के 15 स्थानों के नाम बदल दिए हैं. चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि उनके पास अरुणाचल प्रदेश में 15 स्थानों के लिए ‘मानकीकृत’ नाम हैं, जिनका उपयोग चीनी मानचित्रों पर किया जाएगा.
यह दूसरी बार है, जब चीन ने अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदले हैं.
2017 में चीन ने छह स्थानों के नाम बदल दिए थे. नए सीमा कानून को लागू करने से ठीक दो दिन पहले अरुणाचल के विभिन्न स्थानों के नाम बदलने का कदम उठाया गया है.
23 अकतूबर को चीन के शीर्ष विधायी निकाय नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति ने ‘देश के भूमि सीमा क्षेत्रों के संरक्षण और शोषण’ का हवाला देते हुए एक नया कानून पारित किया था.
समिति ने कहा था कि नया कानून एक जनवरी से लागू होगा.

