कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने सीबीएसई पेपर के अंग्रेजी प्रश्न पत्र के एक अनुच्छेद में की गई एक टिप्पणी को महिला विरोधी सोच बताते हुए सरकार की कड़ी नींद की.
नयी दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी की उत्तर प्रदेश की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) सीबीएसई पेपर के अंग्रेजी के प्रश्न पत्र के एक पैरा में की गई एक टिप्पणी को महिला विरोधी सोच बताते हुए सरकार पर कड़ा हमला किया और कहा कि इस तरह के विचार महिलाओं को समाज में पीछे ले जाने वाले है.
श्रीमती गांधी ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया और सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर प्रश्न को वापस लेने की मांग की.
श्रीमती वाड्रा ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा, “अविश्वसनीय! क्या हम वाकई बच्चों को यह सब सिखा रहे हैं. इससे साफ है कि भाजपा सरकार महिलाओं को लेकर इस तरह की प्रतिगामी सोच का समर्थन करती होगी, वरना वह पाठ्यक्रम में ऐसे विचार को जगह क्यों देती.”
Unbelievable! Are we really teaching children this drivel?
Clearly the BJP Government endorses these retrograde views on women, why else would they feature in the CBSE curriculum? @cbseindia29 @narendramodi?? pic.twitter.com/5NZyPUzWxz
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) December 13, 2021
श्री गांधी ने कहा, “अब तक के अधिकांश सीबीएसई के पेपर बहुत कठिन थे और अंग्रेजी के पेपर में कॉम्प्रिहेंशन पैसेज बहुत ही घृणित था. आरएसएस-भाजपा का इस तरह का प्रयास युवाओं के मनोबल और भविष्य को कुचलने की एक साजिश है. बच्चों, अपना काम परिश्रम से करो। मेहनत रंग लाती है. नफ़रत नहीं.”

