सोनिया गांधी का कहना था कि देश की सीमाओं की स्थिति, किसानों के मुद्दे, महंगाई, बेरोजगारी, कोरोना जैसे मुद्दों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए लेकिन सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने से भाग रही है.
नयी दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि सरकार के पास जनता से जुड़े मुद्दों पर सवालों का जवाब नहीं है इसलिए संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने से बच रही है.
श्रीमती गांधी ने आज यहां संसद के सेंट्रल हॉल में कांग्रेस संसदीय पार्टी की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी पार्टी संसद में हर विषय पर चर्चा कराना चाहती है लेकिन मोदी सरकार चर्चा से भाग रही है.
उनका कहना था कि देश की सीमाओं की स्थिति, किसानों के मुद्दे महंगाई, बेरोजगारी, कोरोना जैसे मुद्दों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए लेकिन सरकार इसके लिए समय नहीं दे रही है और चर्चा कराने से भाग रही है.
विपक्ष के 12 सदस्यों के साथ ही पार्टी के छह सदस्यों के राज्यसभा से निलंबन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार ने गलत तरीके से इन सभी सदस्यों को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया है और अब सभी निलंबित सदस्य संसद भवन परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दे रहे हैं.
उनका कहना था कि उनकी पार्टी पूरी तरह से अपने निलंबित इन सदस्यों के साथ खड़ी है और सरकार को तत्काल उनका निलंबन वापस लेकर संसद में जनहित के मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए.
श्रीमती गांधी ने नागालैंड में निर्दोष लोगों के साथ ही सुरक्षाबलों के जवानों की मारे जाने पर भी गहरा दुख जताया और कहा कि सरकार ने इस घटना पर खेद जताया है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है और उसे ऐसी घटनाएं रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए.
उन्होंने कोविड-19 महामारी का मुद्दा भी उठाया और कहा कि सरकार को दूसरी लहर के कहर से सबक लेना चाहिए और जो नया खतरा कोरोना के नए वारियंट के रूप में सामने आ रहा है उससे निपटने की पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए.

