Monday, March 16, 2026

डिजिटल साइबर क्राइम के बढ़ते अपराधों से स्कूलों को रहना चाहिए सतर्क : विशेषज्ञ

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बढ़ते डिजिटल प्लेटफॉर्मों के साथ डिजिटल साइबर क्राइम की दर में भी बढ़ोतरी हुयी है, विशेषज्ञों का मानना है कि इससे लड़ने के लिये सावधानी बरतना ही श्रेष्ठ विकल्प है।

जम्मू: डिजिटल साइबर क्राइम से निपटने और उन पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते डिजिटल प्लेटफॉर्मों के साथ साइबर अपराध की दर में भी बढ़ोतरी हुयी है।

ऐसे में इससे लड़ने के लिये सतर्कता ही एकमात्र बेहतर उपाय है।

जम्मू स्कूल शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी केंद्र शासित प्रदेश के जम्मू प्रांत के स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों को जागरुक किया गया।

इन कार्यक्रमों में करीब 10 हजार हितधारकों को सतर्क किया गया।

गृह मंत्रालय ने साइबर अपराध से निपटने के लिये ‘भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र(14सी)’ नाम से व्यापक और समन्वित तरीके से योजना शुरू की है।

14 सी साइबर सुरक्षा, क्षमता निर्माण, जन जागरुकता इत्यादि के लिये ऐसा तंत्र विकसित करेगा जिससे विश्वास आधारित लेन-देन हो सकें, साथ ही साइबर अपराध को रोका जा सकें।

यह अभियान 14 सी के तहत चलाये जा रहे हैं।

जम्मू स्कूल शिक्षा निदेशालय ने शनिवार को बताया कि साइबर अपराधों को रोकनेे के लिये इसे मजबूत किया जा रहा है और विभिन्न हितकारकों के बीच तालमेल बिठाकर साइबर अपराधों से निपटने के लिये इस अभियान की शुरुआत किया गया है।

स्कूल शिक्षा जम्मू के निदेशक रवि शंकर शर्मा ने बताया कि व्यापक पैमाने पर लोगों के द्वारा इंटरनेट का उपयोग किया जा रहा है।

इसलिये इन प्लेटफॉर्मों पर बढ़ते अपराध पर रोक लगाने के लिये लोगों के बीच जागरुकता फैलाने की जरूरत है।

शिक्षा निदेशालय के परामर्श प्रकोष्ठ ने राष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ मिलकर जागरुकता को लेकर बेबिनार आयोजित किया।

इस अभियान के साप्ताहिक कार्यक्रम ‘आओ बात करें’ नियमों के उल्लंघन के खिलाफ निगरानी करेगा।

साइबर अपराध पर वाद-विवाद, नारा लेखन, भाषण, पोस्टर सहित कई तरह की गतिविधियां विभिन्न स्कूलों में छात्रों द्वारा आयोजित की गयीं।

इसके अलावा शिक्षक और छात्र इलेेक्ट्राॅनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में शामिल हुए।

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