सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की सुनवाई ‘स्वतः संज्ञान’ नहीं, ‘जनहित याचिका’ के तौर पर होगी।
नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की सुनवाई ‘स्वतः संज्ञान’ के तहत नहीं, बल्कि ‘जनहित याचिका’ के तौर पर की जायेगी।
मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई शुरू करते ही कहा कि रजिस्ट्री कार्यालय के साथ सूचनाओं के आदान-प्रदान की खामियों की वजह से लखीमपुर खीरी हिंसा मामला ‘स्वतः संज्ञान’ मामले के तौर पर आज सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो गया था।
उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि इस मामले की सुनवाई जनहित याचिका के तौर पर ही की जाएगी।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हिंसा के मामले में दो वकीलों के पत्रों के माध्यम से शीर्ष अदालत को सूचना मिली थी। इस वजह से ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गयी।
SC seeks presence of 2 lawyers who wrote letter for probe into Lakhimpur Kheri incident | India News https://t.co/hhxMmjqsGt
— Sortcutter (@Sortcutter) October 7, 2021
उन्होंने इस मामले को जनहित याचिका के तौर पर सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।
गौरतलब है कि बुधवार को उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर जानकारी दी गयी थी कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को हुई हिंसा मामले में शीर्ष अदालत ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले की गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई की जाएगी।

