Friday, March 13, 2026

दिल्ली के किसानों को उपयुक्त मुआवजा दे दिल्ली सरकार : डॉ नरेश कुमार

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डॉ नरेश कुमार ने उप राज्यपाल अनिल बैजल को ज्ञापन देकर माँग करते हुए कहा कि जल भराव की वजह से दिल्ली के किसानों की पूरी फ़सलें बर्बाद हो गई अतः दिल्ली सरकार बर्बादी फसल का किसानों को उपयुक्त मुआवजा दे।

नयी दिल्ली: वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डॉ नरेश कुमार ने दिल्ली के मुंडका और अन्य क्षेत्रों में जल भराव के कारण फसलों की बर्बादी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पीड़ित किसानों को उपयुक्त मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

डा कुमार ने सोमवार को उप राज्यपाल अनिल बैजल को ज्ञापन देकर माँग करते हुए कहा कि जल भराव की वजह से दिल्ली के किसानों की पूरी फ़सलें बर्बाद हो गई है और इस सीजन में कोई भी उत्पादन नहीं होने के कारण उनके सामने आजीविका का जोरदार संकट पैदा हो गया है।

इससे पहले दिल्ली देहात के अनेक गांवों में मवेशियों में मुंह पका, खुर पका रोग होने से सैंकड़ों मवेशियों की मौत हो जाने के सदमें से किसान उबरे भी नहीं थे कि अब फसलें बर्बाद हो गई हैं। इस दोहरी मार से किसान पूरी तरह टूट गए हैं अतः उनको एक लाख प्रति एकड़ फसल बर्बादी मुआवजा दिया जाए।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में आज भी 222 गाँवों में 34750 हैक्टेयर क्षेत्र पर खेती होती है और उनकी गुजर बसर खेती पर निर्भर है।

पिछले दिनों हुई बारिश से खेतों में तीन से चार फ़ीट पानी भरा है जिससे सारी फसलें बर्बाद हो गई हैं और इनमें जुवार, बाजरा, मक्का, ग्वार, फ़ूल और सब्जियां प्रमुख हैं।

डॉ कुमार ने यह भी बताया कि अभी तक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इन किसानों की सुध नहीं है और उन्होंने किसानों से न तो मुलाकात की है और न ही उनकी सुध ली है।

उनका पूरा ध्यान पंजाब और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों पर हैं और दिल्ली की जनता की बदहाली का उन पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।

मुंडका विधानसभा क्षेत्र से कई बार चुनाव लड़ चुके डा़ कुमार ने मुंडका और आसपास के गांवों में पानी भरे और विकास नहीं होने के मसले पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय साहब सिंह वर्मा के भाई एवं पूर्व महापौर आजाद सिंह के नेतृत्व में गांव के बड़ी संख्या में लोग धरने पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि जिस गांव का निवासी दशकों पहले दिल्ली का मुख्यमंत्री रह चुका हो और इस समय उनका बेटा इसी क्षेत्र से सांसद है तो विकास कराना उन्हीं की जिम्मेदारी है लेकिन ये लोग सिर्फ घड़ियाली आंसू बहा रहे है और अपनी राजनीति चमका रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जो नेता सत्तारूढ़ पार्टी का सांसद होते हुए भी अपने गांव का पानी निकालने की कोई व्यवस्था नहीं करा सकता है उसे दिल्ली देहात का ठेका लेने का कोई अधिकार नहीं है और न ही उन्हें किसानों का हमदर्द बनकर दिखाना चाहिए।

गौरतलब है कि मुंडका गांव में जल जमाव की समस्या से परेशान स्थानीय निवासी सोमवार सुबह मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास टिकरी बॉर्डर की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।

इसकी वजह से दिल्ली-हरियाणा राष्ट्रीय राजमार्ग (रोहतक रोड) पर करीब 15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

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