Friday, March 13, 2026

कोरोना वैक्सीन में हराम पदार्थ शामिल हो और उसका कोई विकल्प न हो तो

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मौलाना खालिद रशीद फरंगी मोहल्ली ने कोरोना वैक्सीन पर कहा है कि इस्लाम मैं जीवन सबसे महत्वपूर्ण, अफवाहों पर फैसला करना नाजायज

लखनऊ: कोरोना वैक्सीन को लेकर मुसलमानों के विरोध के बीच सुन्नी धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फरंगी महल्ली ने कहा है कि इस्लाम मैं जीवन की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। मौलाना फ़रंगी महल्ली ने कहा है कि अगर किसी भी दवा में कोई हराम पदार्थ शामिल हो और जान  बचाने का कोई विकल्प नहीं हो, तो इसे लिया जा सकता है।

उन्होंने आज कहा कि अफवाहों पर फैसला करना इस्लाम में नाजायज है। बिना किसी पुष्टि के किसी चीज को हराम या हलाल कैसे कहा जा सकता है? जिन्हें कोरोना वैक्सीन हरम कह रहे हैं। उन्हें यह बताना चाहिए कि उन्हें किस डॉक्टर या एक्सपर्ट से जानकारी प्राप्त की है।

मैं सभी से अपील करता हूं कि पोलियो वैक्सीन की तरह कोरोना वैक्सीन के लिए अफवाहें न फैलाएं, वैक्सीन की प्रतीक्षा करें और डॉक्टर से परामर्श करें।

मौलाना खालिद रशीद फरंगी महल्ली

इस्लाम में जीवन की सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस्लाम के पैगंबर हजरत मुहम्मद (सल्ल-लाहो अलैहे-व-सल्लम) ने दावा के द्वारा इलाज करने का आदेश दिया है। कोरोना वायरस से दुनिया भर में लाखों लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीमारी का अबतक कोई इलाज नहीं है।

मौलाना ने कहा कि यदि किसी दवा में कुछ हराम पदार्थ शामिल हो और जीवन को बचाने के लिए इसका कोई विकल्प नहीं हो, तो इसे लिया जा सकता है। मैं सभी से अपील करता हूं कि पोलियो वैक्सीन की तरह कोरोना वैक्सीन के लिए अफवाहें न फैलाएं, वैक्सीन की प्रतीक्षा करें और डॉक्टर से परामर्श करें।

[हम्स लाईव]

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