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Wednesday, January 21, 2026

कनाडा के आम चुनाव में भारतवंशियों का प्रदर्शन: जीत-हार का खेल

इंडियाकनाडा के आम चुनाव में भारतवंशियों का प्रदर्शन: जीत-हार का खेल

कनाडा के आम चुनावों में भारतीय समुदाय की प्रभावशीलता

कनाडा में हाल ही में हुए आम चुनाव ने सत्ता के समीकरण को एक बार फिर से बदल दिया है। लिबरल पार्टी ने फिर से अपनी स्थिति मजबूत की है और प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को एक बार फिर से सत्ता में वापस लाने का मार्ग प्रशस्त किया है। इस चुनाव में कुल 75 भारतवंशी उम्मीदवारों ने भाग लिया, जिनमें से कुछ को सफलता मिली, जबकि कई को हार का सामना करना पड़ा। यह चुनाव भारतीय-कनाडाई समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि ये एक प्रमुख मतदाता समूह के रूप में उभरे हैं।

खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह का झटका और एनडीपी की स्थिति

कनाडा के चुनावों में खालिस्तान समर्थक नेता जगमीत सिंह ने करारी हार का सामना किया। उनकी पार्टी, एनडीपी, ने केवल 12 सीटें जीतने में ही सफलता हासिल की, जो उनके लिए एक बड़ा झटका है। उनका प्रतिनिधित्व ब्रिटिश कोलंबिया के बर्नाबी सेंट्रल सीट से था, जहां उन्होंने अपनी प्रतिष्ठा को बचाने की कोशिश की थी। चुनाव हारने के बाद, जगमीत सिंह ने कहा कि वह पार्टी के प्रमुख के रूप में अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा करेंगे।

अमरजीत सोही और उनकी हार

चुनाव में कई अन्य भारतीय उम्मीदवारों को भी हार का सामना करना पड़ा, जैसे कि अमरजीत सोही, जो एडमॉन्टन साउथईस्ट से चुनाव लड़ रहे थे। उन्हें कंजर्वेटिव पार्टी के जगशरण सिंह महल ने हराया। इस चुनाव की हार ने स्पष्ट किया कि भारतीय-कनाडाई समुदाय के भीतर भी विभाजन है जो चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है।

लिबरल उम्मीदवार अनीता आनंद की लगातार जीत

हालांकि, इस चुनाव में कुछ भीषण मुकाबलों के बीच, लिबरल पार्टी की उम्मीदवार अनीता आनंद ने ओकविले ईस्ट क्षेत्र से विजय का परचम लहराया है। यह उनकी लगातार तीसरी जीत है, और उन्होंने कंजर्वेटिव पार्टी के रॉन छिंजर को हराया। अनीता आनंद वर्तमान में नवाचार, विज्ञान और उद्योग मंत्रालय का कार्यभार संभाल रही हैं, जो उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

कंजर्वेटिव पार्टी के शुव मजूमदार की जीत

कंजर्वेटिव पार्टी के शुव मजूमदार ने भी चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कैलगरी हेरिेटेज सीट पर विजय प्राप्त की, जहां उन्होंने लिबरल उम्मीदवार स्कॉट अर्नाट को लगभग 20,000 वोटों से हराया। यह जीत कंजर्वेटिव पार्टी के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो इस चुनाव में अपेक्षा से अधिक सीटें जीतने में सफल रही है।

भारतवंशी उम्मीदवारों का आंकड़ा और उनकी चुनौतियां

इस बार की चुनावी मैदान में 75 भारतवंशी उम्मीदवारों का होना, यह दर्शाता है कि भारतीय समुदाय राजनीति में अपनी उपस्थिति को मजबूत बनाए हुए है। हालांकि, जीत-हार का यह खेल यह भी दिखाता है कि अंततः वोटरों की पसंद में क्या प्राथमिकताएं हैं। कई उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन यह भी सही है कि यह एक प्रक्रिया है जिसमें आने वाले समय में सुधार की संभावनाएं हो सकती हैं।

भविष्य के लिए उम्मीदें और चुनौतियां

कनाडा के आगामी चुनावों में भारतवंशियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। भारतीय-कनाडाई समुदाय को अब यह संकल्पित करना होगा कि वे अपने मुद्दों को कैसे पेश करते हैं और अपने मतदाता आधार को कैसे मजबूत करते हैं। इससे न केवल उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित होगी, बल्कि भारतीय समुदाय की राजनीतिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।

कनाडा में भारतवंशियों की बढ़ती भागीदारी को लेकर उत्साह है, लेकिन यह भी आवश्यक है कि वे चुनावी प्रक्रिया को समझें और इसका सक्रिय हिस्सा बनें। यह कनाडा में रहने वाले भारतीय समुदाय के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है।

स्रोत: इस समाचार की पुष्टि[CBC News](https://www.cbc.ca/) और[The Globe and Mail](https://www.theglobeandmail.com/) द्वारा की गई है।

 

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