कर्नाटक के मंत्री द्वारा पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के संदर्भ में दिया गया विवादित बयान अब एक नया बवाल खड़ा कर रहा है। एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि वे पाकिस्तान के साथ युद्ध के पक्ष में नहीं है। अब, उनके सहयोगी मंत्री ने बुधवार को कहा कि आतंकवादी किसी की हत्या करने से पहले उसके धर्म की पहचान नहीं करते। यह बयान कई सवाल उठाता है और राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गया है।
कौन, क्या, कहाँ, कब और क्यों?
पहलगाम में आतंकवादी हमला 26 अप्रैल 2025 को हुआ था, जिसमें कई निर्दोष नागरिकों की जान गई। इस हमले के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर स्थिति पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद के खिलाफ हैं, लेकिन युद्ध नहीं चाहते। इस विवादास्पद बयान के बाद कर्नाटक के मंत्री रामappa बटिम्मापुर ने यह कहकर स्थिति को और उलझा दिया कि आतंकवादी निर्दोष लोगों की पहचान नहीं करते और न ही धर्म पूछते हैं।
कैसे हुआ यह हमला?
इस प्रकार की घटनाएं जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ समय से बढ़ती जा रही हैं। पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले ने सुरक्षा बलों और नागरिकों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। इस हमले की जिम्मेदारी किसी आतंकवादी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे एक सुनियोजित साजिश मान रही हैं।
कर्नाटक के मंत्री के विवादित बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
मंत्री के बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। कई विपक्षी नेताओं ने इसे अशोभनीय बताया है और कहा है कि ऐसे बयानों से केवल समाज में नफरत बढ़ती है। वहीं, कुछ नेताओं ने इसको सही ठहराने की कोशिश की है।
मुख्यमंत्री का स्थिर दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है कि आतंकवाद चाहे किसी भी रंग में हो, इसे रोकना चाहिए। वे इस तरह के बयानों को उचित नहीं मानते हैं और उन्होंने अपने मंत्री से स्पष्टीकरण मांगने की बात कही है।
अंत में
इस प्रकार की घटनाएं न केवल देश की सुरक्षा के लिए चिंताजनक हैं बल्कि राजनीतिक स्थिरता के लिए भी खतरा बनती जा रही हैं। यह देखना होगा कि कर्नाटक की सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है और क्या मंत्री अपने बयान पर पुनर्विचार करेंगे।
यदि आप इस विषय में अधिक जानकारी चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करें[पहलगाम हमले पर विस्तृत रिपोर्ट](https://www.amarujala.com/) और[कर्नाटक में राजनीतिक घटनाक्रम](https://www.livehindustan.com/)।
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