अलीगढ़: ईमेल से मिली बम की धमकी ने प्रशासन में मचाई हलचल
अलीगढ़ सहित उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में ईमेल के माध्यम से बम की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस धमकी के बाद कलेक्ट्रेट की सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है। पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, धमकी भेजने वाले की पहचान करने के लिए पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
क्या हुआ, कहां हुआ, कब हुआ, क्यों हुआ, और कैसे हुआ?
क्या हुआ? अलीगढ़ कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल के जरिए दी गई है। इस घटना ने प्रशासन के बीच चिंता का विषय बन गई है।
कहां हुआ? यह घटनाक्रम अलीगढ़ जिले में घटित हुआ है, साथ ही इसके अलावा यूपी के अन्य 10 जिलों में भी इसी तरह की धमकी मिली है।
कब हुआ? यह धमकी मंगलवार, 15 अप्रैल 2025 को प्राप्त हुई।
क्यों हुआ? माना जा रहा है कि यह धमकी उस समय भेजी गई है जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत अलीगढ़ में पांच दिन के प्रवास पर आ रहे हैं। किसी अराजक तत्व द्वारा इस घटना को अंजाम दिए जाने की संभावना है।
कैसे हुआ? ईमेल के माध्यम से की गई इस धमकी के बाद तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया, जिसके चलते पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने जांच कार्रवाई शुरू की।
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को किया मजबूत
धमकी मिलने के बाद अलीगढ़ कलेक्ट्रेट में पुलिस बल और बम निरोधक टीम की तैनाती की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस डॉग स्क्वाड भी मौके पर पहुंच चुका है। इस बीच, कलेक्ट्रेट में तैनात अधिकारी और कर्मचारी बम की भ्रामक सूचना के चलते बाहर निकल आए। प्रशासन ने उच्च सुरक्षा प्रबंधन के तहत सभी आवश्यक ऐहतियात बरतने का निर्णय लिया है।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में एएमयू कैंपस को भी इसी तरह की धमकी मिली थी। इसके अलावा, रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद अलर्ट जारी किया गया था। इसलिए यह समझा जा रहा है कि हाल की धमकी भी किसी संगठित प्रयास का हिस्सा हो सकती है।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस इस मामले में ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए जुटी हुई है। इस संदर्भ में अलीगढ़ पुलिस ने एक बयान जारी किया है कि वे जल्द से जल्द घटना के पीछे की सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। जो भी जिम्मेदार होगा, उसे जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम की सुरक्षा
माना जा रहा है कि मोहन भागवत के आगमन को लेकर पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक होनी है, जिसमें बम की धमकी के बहाने मॉक ड्रिल करने की संभावना भी जताई जा रही है। यह ड्रिल सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण होगी।
अलीगढ़ में इस समय कई सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे से निपटना और नागरिकों को सुरक्षित रखना है।
अन्य जिलों में भी बम की धमकी
अलीगढ़ के अलावा, बाराबंकी में भी यही बम की सूचना मिली है। इस प्रकार की चेतावनी ने पूरे राज्य में सुरक्षा अधिकारियों को सतर्क कर दिया है। अन्य जिलों में भी प्रशासन ने संभावित जोखिमों का मूल्यांकन करने के लिए जांच करने का निर्णय लिया है।
अगली कदम की तैयारी
उपरोक्त स्थिति को देखते हुए, प्रशासन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करें।
एक बात साफ है कि बम की धमकी जैसे मामलों से निपटना अत्यंत महत्वपूर्ण है। सुरक्षा बलों को हर समय सतर्क रहना होगा और स्थिति का सही मूल्यांकन करना होगा।
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इस धमकी की घटनाओं में अगर आपको कोई जानकारी मिलती है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। आपकी सजगता किसी बड़े खतरे को रोक सकती है।
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