Xiaomi SU7 दुर्घटना
हाल ही में, Xiaomi SU7 इलेक्ट्रिक सेडान एक भीषण दुर्घटना का शिकार हुई है, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। यह घटना 29 मार्च 2025 को हुई, जब गाड़ी ऑटोपायलट मोड में थी। यह पहला बड़ा हादसा है जो शाओमी द्वारा हाल ही में लॉन्च की गई इलेक्ट्रिक कार से जुड़ा है। दुर्घटना के समय, वाहन की रफ्तार 116 किमी प्रति घंटे थी। ड्राइवर की कोशिश के बावजूद, गाड़ी ने नियंत्रण खो दिया और एक सीमेंट के खंभे से टकरा गई, जिसके परिणामस्वरूप गाड़ी में आग लग गई।
इसके साथ ही, इस घटना ने ऑटोनॉमस ड्राइविंग सिस्टम को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दुर्घटना के बाद गाड़ी की चाबी ने दरवाजे नहीं खोले, जिससे सुरक्षा प्रणाली पर और भी आशंकाएँ जताई जा रही हैं।
कंपनी का रुख और जांच में सहयोग
दुर्घटना के बाद, शाओमी के संस्थापक लेई जुन ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस घटना से अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ सहयोग करेगी। उन्होंने कहा, “हम अपने दायित्व से पीछे नहीं हटेंगे और प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करेंगे।”
शाओमी ने पुष्टि की है कि SU7 के स्टैंडर्ड वर्जन में कोलिजन वार्निंग और इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसी सुरक्षा विशेषताएँ मौजूद थीं। हालांकि, कंपनी का यह भी कहना है कि वर्तमान में उनका ऑटोपायलट सिस्टम छोटे अवरोधों को ठीक से पहचानने में असमर्थ है।
फिलहाल जांच की स्थिति
इस समय, पुलिस की तरफ से किया जा रहा जांच महत्वपूर्ण है। शाओमी ने स्वीकार किया है कि आग लगने की घटना हुई है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि टकराव के समय गाड़ी के दरवाजे ठीक से काम कर रहे थे या नहीं। गाड़ी तक पहुंच प्राप्त करने में भी कुछ बाधाएँ आ रही हैं, जिसके कारण जांच की प्रगति में देरी हो रही है।
शाओमी की टीम इस मामले में हर संभव मदद करने के लिए तैयार है, और उन्होंने हादसे की विस्तृत जांच का आश्वासन दिया है।
क्या यह घटना ऑटोनॉमस ड्राइविंग की सुरक्षा को प्रभावित करेगी?
इस घटना ने ऑटोनॉमस ड्राइविंग प्रणाली की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताओं को जन्म दिया है। हम सभी जानते हैं कि आधुनिक इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ कई प्रकार के सुरक्षा फीचर्स के साथ आती हैं, लेकिन क्या ये फीचर्स हमेशा प्रभावी होते हैं? इस सवाल का जवाब इस दुर्घटना के बाद और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
एक तरफ, शाओमी ने यह कहा है कि उनके द्वारा विकसित सुरक्षा तकनीकें प्रभावी हैं, जबकि दूसरी ओर, वास्तविकता में हादसों की संख्या सुरक्षा में सुधार की आवश्यकता को दर्शाती है।
यह घटना न केवल शाओमी के लिए, बल्कि पूरी उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण सीख है। हमें देखना होगा कि कंपनी अपनी तकनीकी खामियों को कैसे सुधरने का प्रयास करती है और आगे आने वाले समय में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाते हैं।
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