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Thursday, January 22, 2026

जल संरक्षण पर पीएम मोदी की नई पहल: ‘बारिश की बूंदों को संरक्षित करके हम बहुत पानी बचा सकते हैं’

इंडियाजल संरक्षण पर पीएम मोदी की नई पहल: 'बारिश की बूंदों को संरक्षित करके हम बहुत पानी बचा सकते हैं'

जल संरक्षण पर पीएम मोदी की नई पहल: ‘बारिश की बूंदों को संरक्षित करके हम बहुत पानी बचा सकते हैं’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में जल संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा की। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए जागरूकता बढ़ाई जाए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमें बारिश की बूंदों को बर्बाद नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि यह हमारे जीवन और प्राकृतिक संसाधनों के लिए बेहद आवश्यक है।

कहाँ और कब हुआ यह कार्यक्रम: यह कार्यक्रम 30 मार्च 2025 को आयोजित किया गया था, जिसमें पीएम मोदी ने विशेष रूप से जल संरक्षण की आवश्यकता और उसके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

कौन शामिल था: इस कार्यक्रम में देशभर के लोग शामिल हुए, जिन्होंने पीएम मोदी के विचारों को सुना और जल संरक्षण के महत्व पर ध्यान दिया।

क्यों है यह आवश्यक: जल संकट के चलते, हमारे लिए जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। पिछले कुछ वर्षों में, भारत में जल संकट की समस्या बढ़ी है, और ऐसे में हर एक बूंद पानी कीमती है।

कैसे करें जल संरक्षण: पीएम मोदी ने कहा कि बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए हमें विभिन्न तकनीकों, जैसे कि टैंक और तालाबों का निर्माण करना चाहिए।

विस्तार से जानें जल संरक्षण की जरूरत

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जल संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि:

“पिछले कुछ वर्षों में, जल संरक्षण के लिए कई प्रयास किए गए हैं। इस अभियान के तहत, देश के विभिन्न हिस्सों में जल रिचार्ज तकनीक का उपयोग करके 11 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी को संरक्षित किया गया है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपलब्धि है।”

उन्होंने कर्नाटक के गडग जिले में सूख चुकी झीलों के पुनर्जीवित करने की घटना का उल्लेख किया। यह उदाहरण दर्शाता है कि कैसे स्थानीय समुदायों ने इस कार्य में भागीदारी की और जल संकट का समाधान निकाला।

गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को नई चीजें सीखने की सलाह

प्रधानमंत्री मोदी ने गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को नई चीजें सीखने का आग्रह किया। बच्चों में कौशल विकास और जागरूकता बढ़ाने के लिए उन्होंने विभिन्न प्लेटफार्मों की उपयोगिता पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि:

“गर्मियों में बच्चों को अपने कौशल को निखारने का मौका मिलता है। ऐसे में उन्हें अध्ययन, खेल और अन्य गतिविधियों में भाग लेना चाहिए।”

उन्होंने MY-Bharat के विशेष कैलेंडर का उल्लेख भी किया, जिसमें विशेष गतिविधियों की योजना बनाई गई है, जैसे कि जन औषधि केंद्र के कामकाज का अवलोकन, सीमावर्ती गांवों का सर्वेक्षण, तथा आंबेडकर जयंती पर पदयात्रा शामिल है।

खेलो इंडिया पैरा गेम्स का महत्व

अपने कार्यक्रम में, पीएम मोदी ने खेलो इंडिया पैरा गेम्स के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस बार इन खेलों में पहले से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिससे यह साबित होता है कि पैरा स्पोर्ट्स अब लोगों के बीच अधिक लोकप्रिय हो रहे हैं। इस प्रतियोगिता में 18 राष्ट्रीय रिकॉर्ड बने, जिनमें से 12 महिला खिलाड़ियों ने बनाए।

दिल्ली में आयोजित फिट इंडिया कार्निवाल की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में 25,000 लोगों ने भाग लिया, जो फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाने में सहायक था।

हनुमानकाइंड की प्रशंसा

प्रधानमंत्री ने मशहूर रैपर हनुमानकाइंड की भी प्रशंसा की, जिन्होंने अपने नए गाने में भारतीय पारंपरिक मार्शल आर्ट तकनीकों को शामिल किया है।

जल संरक्षण से जुड़ी अन्य जानकारी

जल संरक्षण पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कई देशों के उदाहरणों का उल्लेख किया, जहां जल संकट को सुलझाने के लिए innovative तकनीक अपनाई गई। उन्होंने कहा कि:

“हर एक व्यक्ति को जल संरक्षण में योगदान देना चाहिए। यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने स्तर पर इस दिशा में काम करे।”

जल संरक्षण के लिए अपनी भागीदारी बढ़ाएं

इस कार्यक्रम के माध्यम से, प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की है कि वे जल संरक्षण में भागीदारी बढ़ाएं और अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाएं। उन्होंने कहा कि:

“आओ, हम सब मिलकर जल को बचाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित कर सकें।”

आप अधिक जानकारी के लिए अमर उजाला और PM की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

जल संरक्षण की दिशा में यह पहल केवल एक कदम नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण है, जो हमारे पर्यावरण और संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। जल ही जीवन है, इसलिए आइए इसे बचाने का संकल्प लें।

 

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