अमित शाह का हार्दिक जवाब राहुल गांधी को, उठाए कई गंभीर सवाल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब संसद में बजट पर चर्चा चल रही थी, तब वह विदेश में थे। अमित शाह का यह बयान राहुल गांधी द्वारा संसद के संचालन पर की गई आलोचना के जवाब में आया है। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्हें बोलने का समय दिया गया था, तब गांधी वियतनाम में थे।
इस बिंदु पर, शाह ने कहा कि संसद का कामकाज नियमों और प्रक्रियाओं के अंतर्गत चलता है, न कि कांग्रेस पार्टी की मनमर्जी से। इस बातचीत में उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्रा को गंभीरता से उठाते हुए सवाल किया कि एक नेता के लिए यह कैसे संभव है कि जब देश में महत्वपूर्ण चर्चाएँ हो रहीं हों, तब वह विदेश यात्रा पर हों।
संसद में कार्यवाही की आलोचना पर अमित शाह का स्पष्टीकरण
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “जब संसद में गंभीर चर्चाएँ हो रही थीं, तब राहुल गांधी वियतनाम में थे। और जब वह लौटे, तो अपनी इच्छा से बोलने की जिद करने लगे।” उनके अनुसार, संसद में बोलने के लिए नियम होते हैं और इन्हें पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि बजट पर चर्चा के दौरान राहुल को 42% समय दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी मनमर्जी से बोलने का प्रयास कर रहे थे।
अमित शाह ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह पार्टी एक परिवार द्वारा संचालित होती है और सदस्यों को मनमर्जी से बोलने की अनुमति होती है। उन्होंने कहा कि “उन्हें संसद के नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।”
कर्नाटक सरकार की मुस्लिम आरक्षण नीति पर शाह का कड़ा बयान
अमित शाह ने कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा मुसलमानों के लिए 4% आरक्षण को “लॉलीपॉप” बताते हुए कहा कि धर्म के आधार पर कोई भी आरक्षण संविधान का उल्लंघन है। उन्होंने कहा, “हम धर्म के आधार पर किसी भी आरक्षण का कड़ा विरोध करते हैं।” इसका अर्थ यह है कि बीजेपी सरकार धर्म के आधार पर आरक्षण को अनुचित मानती है।
इस विषय पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालतें इस प्रकार के आरक्षण को रद्द कर सकती हैं। यह दिखाता है कि बीजेपी धार्मिक आधार पर आरक्षण को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी।
जाति जनगणना पर अमित शाह का स्पष्ट रुख
कांग्रेस द्वारा जातिगत जनगणना की मांग पर अमित शाह ने कहा कि खुद कांग्रेस ने पहले इस मुद्दे का विरोध किया था। उन्होंने उल्लेख किया कि 2011 में जब कांग्रेस ने जातियों पर एक सर्वेक्षण किया तो उसके परिणामों को सार्वजनिक नहीं किया गया। इसमें शाह का कहना था कि बीजेपी अब आंतरिक विश्लेषण कर रही है कि जातिगत जनगणना के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि “एक बार जब हम इसे अंतिम रूप दे देंगे, तब आगे की कार्रवाई देखी जाएगी।”
बंगाल में अवैध प्रवासियों पर अमित शाह का आरोप
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार पर अवैध प्रवासियों को अपना वोट बैंक बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार इस तरह के कदम को सफल नहीं होने देगी।” उन्होंने कहा कि टीएमसी अवैध प्रवासियों को वोट बैंक के रूप में देखती है, लेकिन यह स्थिति नहीं बनने दी जाएगी।
तमिलनाडु में आगामी चुनावों को लेकर अमित शाह का विश्वास
अमित शाह ने कहा कि तमिलनाडु की स्थिति बहुत गंभीर है और डीएमके सरकार के कारण राज्य का विकास रुक गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2026 के विधानसभा चुनावों में एनडीए सरकार फिर से सत्ता में आएगी। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में डीएमके सरकार केवल भ्रष्टाचार में लिप्त है, जिसके कारण उद्योग और युवा राज्य से पलायन कर रहे हैं।”
इस पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, “हम एआईएडीएमके के साथ प्रस्तावित गठबंधन पर चर्चा कर रहे हैं। जब सही समय आएगा, हम इसका खुलासा करेंगे।”
समाज के विभिन्न मुद्दों पर अमित शाह की दृष्टि
अमित शाह ने अपने भाषण में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी लगातार सरकार की आलोचना करती रहती है, लेकिन अगर सच में आपातकाल का स्थिति होती, तो कांग्रेस के नेता जेल में होते।
इससे स्पष्ट होता है कि अमित शाह न केवल केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी काफी गहरे सोचते हैं। उनके विचार और शब्दों में एक दृढ़ता देखने को मिलती है, जो यह दर्शाता है कि वे अपनी पार्टी और सरकार के लिए एक मजबूत आधार बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि अमित शाह अपनी बेबाक शैली के लिए जाने जाते हैं और उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ सीधे तौर पर अपनी बात रखी है। इस प्रकार की सटीक और स्पष्ट स्थिति से राजनीति में एक नई दिशा देखने को मिल सकती है। राहुल गांधी पर अमित शाह का यह हमला आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को कैसे प्रभावित करेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
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