18.1 C
Delhi
Thursday, January 22, 2026

संसद के बजट सत्र में फिर से हंगामा: रामजीलाल सुमन के विवादित बयान ने बढ़ाई गर्मी

इंडियासंसद के बजट सत्र में फिर से हंगामा: रामजीलाल सुमन के विवादित बयान ने बढ़ाई गर्मी

संसद के बजट सत्र में फिर से हंगामा: रामजीलाल सुमन के विवादित बयान ने बढ़ाई गर्मी

संसद का बजट सत्र इस बार कई विवादों और हंगामों के बीच चल रहा है। सबसे हालिया घटनाक्रम में, राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के बयान ने विपक्षी दलों को कड़ा विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर कर दिया। इस मुद्दे ने ना केवल संसद के अंदर बल्कि समाज के विभिन्न तबकों में भी हलचल मचा दी है।

क्या, कौन, कब, कहाँ, क्यों, और कैसे?

संसद के बजट सत्र का यह हंगामा उस समय शुरू हुआ जब विधानसभा में राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने राजपूत राजा राणा सांगा को ‘गद्दार’ कह दिया। यह बयान उनकी आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद से उत्पन्न हुआ, जिसके खिलाफ करणी सेना के समर्थकों ने उनके आवास पर हमला किया। यह घटना बृहस्पतिवार को हुई, और इसके बाद से संसद के कार्यकाल में हंगामा जारी है।

संसद की कार्यवाही के दौरान, जब सदन की कार्रवाई शुरू हुई, तो सपा के सदस्यों ने राणा सांगा के प्रति अपमानजनक बयान के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सदन की अध्यक्षता कर रहे नेताओं को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

संसद में उठता राजनीतिक तापमान

इस बजट सत्र के दौरान, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बताया कि बांग्लादेश के कई लोग बिना वीज़ा के भारत में रह रहे हैं, जो कि भारतीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है। उन्होंने बताया कि आव्रजन और विदेशी विधेयक के अनुसार, जिन लोगों को भारत में वैध रूप से रहना है, उन्हें वीज़ा होना आवश्यक है।

केंद्रीय मंत्री का यह बयान भी बंगाल में ममता बनर्जी के बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे की ओर इशारा करता है। भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ब्रिटेन यात्रा के दौरान भारत के खिलाफ नकारात्मक बातें कहीं।

हंगामा और इसके नतीजे

संसद में इस तरह का हंगामा, जहाँ एक ओर राजनीतिक दल अपने-अपने दृष्टिकोण की प्रस्तुति कर रहे हैं, वहीं वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकने का कारण बनता है। सदन में चर्चा का माहौल चला, लेकिन हंगामे के चलते कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाई।

संसद में होने वाले हंगामे का एक और कारण है राज्यसभा में उठाए गए प्रश्न। उधर, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस विषय में भाग लेते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान सभी सदस्यों को एक साथ आकर काम करना चाहिए।

अगले कदम क्या होंगे?

जहाँ एक ओर संसद में विधेयकों पर चर्चा होनी चाहिए, वहीं दूसरी ओर यह हंगामा इस बात का प्रमाण है कि राजनीतिक परिदृश्य में अभी भी बहुत कुछ सुधार की आवश्यकता है।

संसद का यह सत्र, जिस क्रम में आर्थित मुद्दों और संबंधित विधेयकों को पास किया जाना चाहिए, वह लगभग समाप्त होने के कगार पर है। सदन की कार्यवाही में यह आवश्यक है कि सभी दलों के नेता आपसी सहमति से काम करें ताकि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतर सके।

आगे का सफर

संसद की कार्यवाही में इस तरह के हंगामे का होना एक सामान्य बात है, लेकिन यह आवश्यक है कि सांसद और राजनीतिक दल अपने मुद्दों को सही तरीके से उठाएं। इस सबके बीच, यह देखना होगा कि आगामी दिनों में संसद के कार्यकलाप किस दिशा में जाएंगे और क्या ये विवाद आगामी चुनावों में भी छाप छोड़ेंगे।

इस बीच, इस घटनाक्रम पर संवाददाताओं ने अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए विभिन्न स्रोतों से संपर्क किया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस सत्र में पास होने वाले विधेयकों का प्रभाव आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। इसके अलावा, अगर आप राजनीति से संबंधित और समाचार पढ़ना चाहते हैं, तो आप यहाँ क्लिक करें

संसद के सदस्यों को अपनी जिम्मेदारियों का ध्यान रखते हुए उठाए गए कदमों के प्रति सतर्क रहना चाहिए ताकि वे लोकतंत्र की गरिमा को सुरक्षित रख सकें।

 

अस्वीकृति
हमने यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया है कि इस लेख और हमारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दी गई जानकारी सटीक, प्रमाणित और विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त हो। यदि आपके पास कोई सुझाव या शिकायत हो, तो कृपया हमसे info@hamslive.com पर संपर्क करें।

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles