गोरखपुर में होली पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया सनातन धर्म का महिमा बखान
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली के अवसर पर गोरखपुर में एक समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया और यह दर्शाया कि सनातन धर्म की ताकत अभी भी जीवित है। सीएम योगी ने इस अवसर पर कहा कि “जहां धर्म है, वहां विजय होगी,” और यह भी कि ऐसे अनोखे नजारे को देखकर दुनिया हैरान रह गई है।
यहां पर क्या हुआ?
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग सनातन धर्म की आलोचना करते थे, वे अब प्रयागराज में देख चुके हैं कि किस प्रकार से करोड़ों श्रद्धालुओं ने बिना किसी भेदभाव के पवित्र गंगा में स्नान किया। यह एक ऐसा उदाहरण है, जिसने आलोचकों को यह दिखा दिया कि हिंदू समाज एकजुट है और किसी भी प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठकर धर्म के प्रति अपनी आस्था को प्रकट करता है।
कौन शामिल था?
इस कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ के साथ कई स्थानीय नेता, अधिकारी और जनता के लोग भी उपस्थित थे। सीएम ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में होलिका दहन स्थल पर पूजा अर्चना की और वहां से होली का पर्व मनाने की शुरुआत की।
कब और कहां हुआ?
यह समारोह शुक्रवार, 14 मार्च 2025 को गोरखपुर में आयोजित हुआ। इस अवसर पर सीएम योगी ने अपने संबोधन में महाकुंभ के दौरान हुई एकता और श्रद्धा को लेकर बातें कीं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह?
सीएम योगी ने कहा कि यह पर्व सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि एकता और सद्भाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की परंपराएं और मूल्य हमें एकजुट होने की प्रेरणा देते हैं। इस प्रकार की एकता से ही भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
कैसे?
सीएम ने कहा कि महाकुंभ में एकत्रित हुए सभी श्रद्धालु एकता का मिसाल पेश करते हैं। उन्होंने बताया कि यह आयोजन न केवल धार्मिक है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि जब हम एकजुट होंगे, तभी हम हर समस्या का समाधान कर सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं।
महाकुंभ की शक्ति का प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन इस बात का प्रमाण है कि सनातन धर्म में भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “जो लोग सोचते थे कि हिंदू जाति के आधार पर बंटे हुए हैं, उन्हें यह देखना चाहिए कि प्रयागराज में एकता का कैसा अद्भुत नजारा था।”
आलोचकों का जवाब
सीएम योगी ने आलोचकों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि वे अब भी तर्क कर सकते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि महाकुंभ के दौरान करोड़ों लोगों ने एक साथ मिलकर आस्था प्रकट की। यह एकता और सद्भाव का उदाहरण है, जो हमें यह सिखाता है कि सनातन धर्म हमारी आस्था है।
गोरखनाथ मंदिर में पूजा
इससे पहले, सीएम ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा और आरती कर होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने रंगों के इस पर्व पर सभी को बधाई दी और यह विश्वास दिलाया कि भगवान की कृपा से सभी को सुख और समृद्धि मिलेगी।
समाज को संदेश
योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों को यह संदेश दिया कि हमें अपने धर्म और संस्कृति को संजोकर रखना चाहिए और एकता की ताकत को पहचानना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब हम एकजुट होते हैं, तब दुनिया की कोई भी ताकत हमें रोक नहीं सकती।
कुल मिलाकर, सीएम योगी आदित्यनाथ के इस संबोधन ने न केवल सनातन धर्म की ताकत को उजागर किया, बल्कि समाज में एकता के महत्व को भी रेखांकित किया। उम्मीद की जा रही है कि इस प्रकार के आयोजन आगे भी होते रहेंगे, जिससे समाज में एकता और सद्भाव का वातावरण बना रहे।
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