अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट का कारण और इसके प्रभाव
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है, जो कि विभिन्न कारणों से उत्पन्न हुई है। इस गिरावट के पीछे मुख्यत: व्यापारिक टैरिफ विवाद और सरकारी नीतियों में अनिश्चितता जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा, शेयरों के मूल्यांकन, आर्थिक अनिश्चितता और कंपनियों की आय में गिरावट ने भी इस गिरावट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब सवाल यह है कि इस स्थिति का भारतीय बाजार पर क्या प्रभाव पड़ेगा और निवेशकों को क्या ध्यान में रखना चाहिए?
क्या हुआ? बाजार में क्यों आई गिरावट?
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में सभी प्रमुख सूचकांकों में गिरावट आई। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 890 अंक गिरकर 41,912 पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 में 2.7% की गिरावट आई। नैस्डैक कंपोजिट को सबसे अधिक नुकसान हुआ, जिसमें 728 अंक की गिरावट देखी गई। इस गिरावट ने निवेशकों को खरबों डॉलर के नुकसान में डाल दिया है।
सम्भवत: इस गिरावट का कारण अमेरिका का अपने व्यापारिक साझेदारों के साथ चल रहा टैरिफ विवाद है। लाजार्ड के सीईओ पीटर ऑर्सजैग के अनुसार, “कनाडा, मेक्सिको और यूरोप के साथ टैरिफ विवाद ने अनिश्चितता पैदा की है, जिससे कंपनियों को अपने रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ा है।”
कौन-कौन से बड़े शेयर टूटे हैं?
इस गिरावट में सबसे अधिक नुकसान प्रौद्योगिकी शेयरों को हुआ है। टेस्ला ने एक ही दिन में 125 बिलियन डॉलर का मूल्य खो दिया, जबकि अल्फाबेट, एप्पल और एनवीडिया जैसे बड़े शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। डेल्टा एयरलाइन्स के शेयर भी 14% की गिरावट के साथ प्रभावित हुए हैं, क्योंकि कंपनी ने अपनी पहली तिमाही के लाभ अनुमानों को आधा कर दिया है।
क्या भारतीय बाजार पर पड़ेगा इसका असर?
अमेरिकी शेयर बाजार में आई इस भारी गिरावट का प्रत्यक्ष असर भारतीय बाजार पर पड़ेगा। पहले से ही भारतीय बाजार वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण दबाव में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय निवेशक इस समय घरेलू उपभोग से जुड़े शेयरों पर ध्यान केंद्रित करें। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के वीके विजयकुमार के अनुसार, “आईटी और फार्मा जैसे निर्यात-उन्मुख क्षेत्रों में भारी अस्थिरता देखने को मिल सकती है।”
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
इस स्थिति में निवेशकों को बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहना चाहिए। उन्हें महंगाई से संबंधित रिपोर्ट, फेडरल रिजर्व के ब्याज दर के निर्णय और अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए संभावित सरकारी उपायों पर नजर रखनी चाहिए।
व्यापार अनिश्चितता को देखते हुए, निवेशक विभिन्न रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। कुछ विशेषज्ञों का सुझाव है कि घरेलू उपभोग से संबंधित शेयरों पर विशेष ध्यान दिया जाए, क्योंकि ये टैरिफ वॉर से प्रभावित नहीं होंगे।
अंत में
अमेरिकी शेयर बाजार में आई गिरावट के पीछे कई कारण हैं, और यह निश्चित रूप से भारतीय बाजार पर अपना असर छोड़ेगी। निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए और बाजार की स्थिति को समझते हुए सही रणनीतियों का चयन करना चाहिए।
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