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Thursday, January 22, 2026

यूपी: अंसल प्रापर्टीज पर लगी नई रजिस्ट्री पर रोक, फोरेंसिक ऑडिट की प्रक्रिया शुरू

इंडियायूपी: अंसल प्रापर्टीज पर लगी नई रजिस्ट्री पर रोक, फोरेंसिक ऑडिट की प्रक्रिया शुरू

एलडीए ने उठाया बड़ा कदम, जमीन गड़बड़ी की जांच में फोरेंसिक ऑडिट शुरू किया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अंसल प्रापर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ उठाए गए बड़े कदम के तहत नई रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है। यह निर्णय अंसल में जमीन घोटाले के कई मामलों के उजागर होने के बाद लिया गया है। एलडीए ने सुशांत गोल्फ सिटी टाउनशिप में फोरेंसिक ऑडिट करने के लिए एक विशेष टीम भी गठित की है, जो बुधवार से अपनी प्रक्रिया शुरू कर चुकी है।

कौन, क्या, कहां, कब, क्यों और कैसे?

  1. कौन: लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और अंसल प्रापर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड।
  2. क्या: नई रजिस्ट्री पर रोक लगाने और फोरेंसिक ऑडिट शुरू करने का निर्णय।
  3. कहां: सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ।
  4. कब: जांच की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो चुकी है।
  5. क्यों: अंसल में जमीन घोटाले के कई मामलों की शिकायतें सामने आई थीं।
  6. कैसे: एलडीए ने जिला प्रशासन को तीन महीने पहले ही सूचित किया था, इसके बावजूद रजिस्ट्री होती रही जिसके मद्देनजर यह निर्णय लिया गया।

जमीन घोटाले की जांच

एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि रजिस्ट्री पर रोक के आदेश को पुनः जारी किया गया है ताकि कोई नई रजिस्ट्री न हो सके। पहले भी ऐसी शिकायतें आई थीं कि अंसल प्रापर्टीज ने कुछ रजिस्ट्री कराई है जो कानूनी रूप से सही नहीं थीं। इस मामले में FIR भी दर्ज की गई है, जिसमें इस बात का उल्लेख है कि ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।

फोरेंसिक ऑडिट में अंसल के सभी अभिलेखों, संपत्तियों, जनसुविधाओं, और विकास कार्यों की जांच की जाएगी। इसके लिए मेसर्स अग्रवाल गुप्ता और अरोड़ा चार्टर्ड एकाउंटेंट कंपनी को नियुक्त किया गया है। इस टीम को अंसल प्रोजेक्ट्स में सभी पहलुओं की गहन जांच करने का कार्य सौंपा गया है।

बैंक खातों पर रोक

अंसल प्रापर्टीज के बैंक खातों पर भी रोक लगा दी गई है। राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) ने रिसीवर नियुक्त किया है, जिसने सुशांत गोल्फ सिटी के बैंक खातों के संचालन पर रोक लगाते हुए बैंकों को पत्र भेजा है। इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अब अंसल के अधिकारी उन खातों से पैसे नहीं निकाल सकते हैं।

रिसीवर नवनीत गुप्ता हैं, जिन्होंने मंगलवार को अंसल के ऑफिस में दस्तावेजों की जांच की और उनकी टीम ने बुधवार को दोबारा वहां पहुंचकर दस्तावेजों का अध्ययन किया। सूत्रों के अनुसार, रिसीवर ने जमीन से जुड़ी सभी गतिविधियों, रजिस्ट्री, आवंटन इत्यादि की रिपोर्ट मांगी है।

खातों की जांच और रिपोर्टिंग

अंसल के कर्मचारियों ने कुछ रिपोर्ट तैयार की हैं और कुछ रिपोर्ट अभी भी बनाई जा रही है। रिसीवर की टीम में सात सदस्य शामिल हैं, जो अंसल प्रापर्टीज के सभी लेन-देन की विस्तृत जानकारी एकत्रित कर रही है।

अंसल प्रापर्टीज पर विवादों का सिलसिला

इस फैसले से स्पष्ट होता है कि अंसल प्रापर्टीज ने अपने प्रोजेक्ट्स में कई अनियमितताएं की हैं, जिसके चलते सरकार ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। यह कदम उन नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण है जिन्होंने अंसल के प्रोजेक्ट्स में निवेश किया हुआ है और अब वे देख सकते हैं कि उनकी निवेश की गई राशि सुरक्षित है या नहीं।

समाज में प्रतिक्रिया

इस निर्णय पर स्थानीय निवासियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उनका मानना है कि सरकार का यह कदम नागरिकों के हित में है और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने में सहायक होगा।

अंसल प्रापर्टीज के खिलाफ उठाए गए इस कदम से यह भी संकेत मिलता है कि सरकार अब भूमि और विकास संबंधी मामलों में सख्ती से पेश आएगी। इससे अन्य कंपनियों को भी यह सीख मिलेगी कि यदि वे नियमों का पालन नहीं करेंगी तो उन्हें इस तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि अंसल प्रापर्टीज इस स्थिति से कैसे निपटती है और क्या वे किसी समाधान की ओर अग्रसर होते हैं या नहीं। एसी घटनाएं निश्चित रूप से भविष्य में रियल एस्टेट क्षेत्र में नई चुनौतियों का सामना करने में संगठनों को सतर्क करेंगी।

 

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