महिला आयोग और महाराष्ट्र साइबर सेल ने उठाया कदम, रणवीर इलाहाबादिया को तलब किया गया : ‘ इंडियाज गॉट लेटेंट ‘ पर कार्रवाई
इस समय भारतीय मनोरंजन जगत में एक बड़ा विवाद उत्पन्न हो गया है। यूट्यूब शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के खिलाफ महाराष्ट्र साइबर सेल ने मामला दर्ज किया है। इस मामले में यूट्यूबर्स रणवीर इलाहाबादिया और समय रैना सहित 30 से 40 लोगों को आरोपित किया गया है। इस शो का पहला एपिसोड से लेकर अब तक सभी एपिसोड पर कार्रवाई की जा रही है। इसमें शामिल सभी व्यक्तियों को नोटिस भेजा जा रहा है ताकि उन्हें अपने बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जा सके।
किसका और क्या हुआ?
ये कार्रवाई तब हुई जब रणवीर इलाहाबादिया द्वारा किए गए कुछ विवादास्पद टिप्पणियों को लेकर लोगों ने आक्रोश जताया। महिला आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों को समन भेजा है। आयोग ने साफ कहा है कि इन टिप्पणियों से समाज में असमानता और आपसी सम्मान का उल्लंघन होता है। इस संबंध में सुनवाई 17 फरवरी, 2025 को दिल्ली में होगी, जहां सभी संदर्भित व्यक्तियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
कहाँ और कब?
सुनवाई का आयोजन राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) के कार्यालय में होगा। इस दौरान, आयोग विभिन्न पक्षों से जानकारी इकट्ठा करेगा और स्थिति की जांच करेगा। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज में समानता और गरिमा का सम्मान हो।
क्यों हुआ विवाद?
यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब समय रैना द्वारा संचालित इस शो में रणवीर इलाहाबादिया ने कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कीं। यह टिप्पणियाँ इतनी विवादास्पद हो गईं कि उन्होंने व्यापक जनसमूह का आक्रोश पैदा कर दिया। इसे लेकर कई संगठनों और व्यक्तियों ने अपनी चिंता व्यक्त की और महाराष्ट्र साइबर सेल के हस्तक्षेप की मांग की।
कैसे हुआ मामला दर्ज?
महाराष्ट्र साइबर सेल ने आईटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस जांच में उन्होंने यह पाया कि शो में भाग लेने वाले और अन्य लोग, जिनमें अतिथि भी शामिल हैं, अभद्र और अश्लील भाषा का उपयोग कर रहे थे। इसके बाद साइबर विभाग ने इस शो के सभी 18 एपिसोड को हटाने का भी आदेश दिया है।
महिला आयोग की गंभीरता
महिला आयोग ने इस मामले पर कड़ी नजर रखी है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि ऐसे अपमानजनक टिप्पणियों का समाज पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। आयोग ने बताया कि यह मामला समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और गरिमा का उल्लंघन करता है।
समुदाय की प्रतिक्रिया
इस विवाद को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों से प्रतिक्रियाएं आई हैं। कई लोगों ने इन टिप्पणियों को निंदनीय बताया है और आह्वान किया है कि ऐसे शो को नियंत्रित किया जाए ताकि आगे से ऐसी स्थिति न बने। इसके अलावा, इस मामले ने यूट्यूब और अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर सामग्री के संबंध में बहस को भी जन्म दिया है।
इस मामले में आगे की जानकारी के लिए आप[यहाँ क्लिक करें](https://www.ncw.nic.in/)।
सकारात्मक बदलाव की आवश्यकता
यह घटना दर्शाती है कि आज के डिजिटल युग में, जहां सोशल मीडिया और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म तेजी से बढ़ रहे हैं, वहाँ पर एक जिम्मेदार और संवेदनशील दृष्टिकोण की आवश्यकता है। सभी को यह समझना चाहिए कि उनके द्वारा की गई टिप्पणियाँ और कार्य केवल व्यक्तिगत दृष्टिकोण नहीं होते, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों पर प्रभाव डालते हैं। ऐसे में समानता और सम्मान का ख्याल रखना अत्यंत आवश्यक है।
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यह मामला न्यायालय में जाएगा या नहीं, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन यह स्पष्ट है कि इस क्षेत्र में अब सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
अंत में
आगामी सुनवाई में यह देखना दिलचस्प होगा कि आयोग और साइबर सेल द्वारा की गई कार्रवाई का क्या प्रभाव पड़ेगा। क्या ये कार्रवाई मनोरंजन जगत में सकारात्मक बदलाव लाने में सफल होगी? यह तो भविष्य में ही स्पष्ट होगा, लेकिन इस संदर्भ में एक सकारात्मक संकेत मिलना सभी के लिए खुश करने वाला होगा।

