मौसम का मिजाज: पश्चिम यूपी में बारिश के बाद बदली सर्दी की तस्वीर
मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा है और पश्चिम उत्तर प्रदेश में मंगलवार को हुई बारिश ने यहां के मौसम को एक नया रंग दिया है। अब मौसम विभाग ने बुधवार को कई जिलों में फिर से बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ का असर है जिसने कई जिलों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना बने रखी है। क्या, कौन, कहाँ, कब, क्यों और कैसे जैसे महत्वपूर्ण प्रश्नों का उत्तर इस लेख में जानिए।
क्या हुआ? मंगलवार को पश्चिम यूपी के विभिन्न जिलों में हल्की बारिश हुई। कौन-कौन से जिले प्रभावित हुए? बरेली, अलीगढ़, हरदोई, मेरठ, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, मैनपुरी, आगरा, लखीमपुर इत्यादि जिलों में मौसम ने अपने रंग बदले। कहाँ-कहाँ बारिश हुई? इन जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी देखी गई। कब ऐसा हुआ? यह सब मंगलवार को हुआ, जबकि बुधवार के लिए भी बारिश का पूर्वानुमान है। क्यों ऐसा हो रहा है? मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह बारिश हो रही है। कैसे? बृहस्पतिवार से हवाओं की दिशा बदलने की संभावना है, जो तापमान में थोड़ी गिरावट लाएगी।
बृहस्पतिवार से होगी ठंडी हवाओं की शुरुआत
मौसम विभाग की मानें तो, बुधवार को लखनऊ समेत कई तराई क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही देखने को मिलेगी। अगले दो दिन तक हवाओं की दिशा उत्तर-पश्चिमी होगी, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है। इसके चलते, गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने जानकारी दी है कि बृहस्पतिवार से ठंडी पछुआ हवाएं चलने लगेंगी, जिससे दिन और रात के तापमान में मामूली गिरावट का पूर्वानुमान है।
साथ ही, बुधवार की सुबह तराई इलाकों में घने कोहरे के भी आसार हैं। इससे यात्रा पर निकलने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि, बृहस्पतिवार के लिए मौसम विभाग ने कोई चेतावनी जारी नहीं की है।
पश्चिमी विक्षोभ और उससे जुड़े मौसम के प्रभाव
पश्चिमी विक्षोभ एक ऐसा मौसम पैटर्न है, जो भारत के उत्तरी भागों में सर्दियों में अक्सर देखा जाता है। यह बर्फ़बारी और बारिश का कारण बनता है, विशेषकर उत्तर भारत में। इस बार भी यही स्थिति देखने को मिली है। पश्चिम यूपी में बारिश से धुंधला मौसम और ठंडी हवाएं चलने का सिलसिला शुरू हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति आने वाले दिनों में भी बनी रहने की संभावना है। कई क्षेत्रों में हल्की वर्षा हो सकती है जो कृषि के लिए लाभदायक है। इससे फसल पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
क्या है अगला पूर्वानुमान?
मौसम विभाग ने इस बार के मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि 20 से 30 किमी की रफ्तार से चलने वाली ठंडी हवाएं आगामी दिनों में तापमान को गिराने में मदद करेंगी। इसके साथ ही, बुधवार को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हो सकती है। किसानों के लिए यह मौसम बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनके फसलों की वृद्धि को प्रभावित कर सकता है।
जिन किसानों ने रबी की फसलें बोई हैं, उनके लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हो सकती है। उन्हें उर्वरक डालने के लिए भी अनुकूल स्थिति मिल सकती है।
जानकारी रखें मौसम से संबंधित अपडेट्स की
आपको याद दिला दें कि मौसम की वर्तमान स्थिति और आने वाले बदलावों की जानकारी के लिए स्थानीय मौसम विभाग की वेबसाइट या मोबाइल एप्लिकेशन पर नियमित रूप से नजर रखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, अन्य स्रोतों से भी अलग-अलग मौसम की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
अधिक जानकारी के लिए[यहाँ](https://weather.com) और[यहाँ](https://www.imd.gov.in) क्लिक करें।
अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि मौसम का यह बदलाव किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर हो सकता है यदि वे सही समय पर अपनी फसलों की देखभाल करें। संक्षेप में कहा जाए तो, बारिश के इस समय का सदुपयोग करके खेती में लाभ उठाने का प्रयास करें।

