नई दिल्ली में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच केजरीवाल ने मांगी कार्रवाई
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी जोरों पर है, और इस दौरान आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच राजनीतिक संघर्ष तेज हो गया है। हाल ही में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हमले के आरोप लगे हैं, जिसे लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त को एक पत्र लिखा है। केजरीवाल ने पत्र में मांग की है कि हमलावर भाजपा कार्यकर्ताओं को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने आप के कार्यकर्ताओं पर हमला किया, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग घायल हुए। इस घटना की गंभीरता को समझते हुए, केजरीवाल ने चुनाव आयोग से कई मांगें की हैं, जिनमें स्वतंत्र चुनाव पर्यवेक्षकों की नियुक्ति और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शामिल है।
कौन, क्या, कहाँ, कब, क्यों और कैसे
कौन: आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)।
क्या: भाजपा कार्यकर्ताओं पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बर्बरता और हमले के आरोप।
कहाँ: नई दिल्ली।
कब: 2 फरवरी 2025 को।
क्यों: चुनावी माहौल में हिंसा को रोकने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सुरक्षा के लिए।
कैसे: केजरीवाल ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
अरविंद केजरीवाल ने पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है कि ऐसी घटनाएं चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं और उन्होंने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि वे आप कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं की गई तो इससे चुनावी माहौल बिगड़ सकता है।
भाजपा का चुनावी कार्यक्रम और केजरीवाल का विरोध
भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद दिल्ली में चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा, “इस बार भाजपा पूरी ताकत से चुनाव लड़ रही है, और लोग अरविंद केजरीवाल को नहीं चाहते।” इसके अलावा, भाजपा ने अपना नया कैंपेन सॉन्ग ‘दिल वालों की दिल्ली को अब भाजपा सरकार चाहिए’ भी लॉन्च किया है, जो कार्यकर्ताओं के लिए एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।
उदित राज, कांग्रेस नेता ने केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें बाबा साहेब अंबेडकर जी का सम्मान करना चाहिए। उनका कहना है कि दिल्ली में हुई कांपेशन को लेकर केजरीवाल को स्पष्टता से जवाब देना चाहिए।
राजनीतिक दलों के बीच तीखी नोकझोंक
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल गर्म होता जा रहा है। केजरीवाल ने भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा की गई हिंसा को लेकर चिंता जताई है, वहीं भाजपा इस मुद्दे पर आप पार्टी को घेरने का कोई अवसर नहीं छोड़ रही है।
इस बीच, भाजपा ने निर्देशित किया है कि वे सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में चौतरफा प्रचार करेंगे, ताकि लोगों को उनके विकास कार्यों के प्रति जागरूक किया जा सके। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “हम अपने सभी नेताओं को जनता के बीच देखना चाहते हैं।”
चुनाव आयोग की भूमिका
चुनाव आयोग पर सभी राजनीतिक दलों की नजर है, क्योंकि यह सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है कि चुनाव शांति और निष्पक्षता के साथ हो। केजरीवाल के पत्र द्वारा उठाए गए मुद्दों का चुनाव आयोग पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर चुनाव आयोग समय पर कार्रवाई नहीं करता है, तो इससे न केवल आम आदमी पार्टी बल्कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता भी प्रभावित हो सकती है।

