सम्राट चौधरी का बड़ा बयान: विधानसभा चुनाव में वोट मांगने नहीं आएंगे अगर 12 लाख नौकरियां नहीं दी गईं
बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक जनसभा में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर राज्य सरकार चुनाव से पहले 12 लाख लोगों को नौकरी नहीं देती है, तो वे विधानसभा चुनाव में वोट मांगने नहीं आएंगे। यह बयान उन्होंने सुपौल के रतनपुरा में पूर्व मंत्री बैद्यनाथ मेहता की प्रतिमा का अनावरण करते समय दिया। चौधरी ने कहा कि यह समय है जब बिहार की राजनीति में नौकरियों का वादा पूरा किया जाना चाहिए।
कौन? क्या? कहाँ? कब? क्यों? और कैसे?
कौन: यह बयान बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा दिया गया। वह जदयू के नेता हैं और राज्य के विकास के लिए कार्यरत हैं।
क्या: सम्राट चौधरी ने यह दावा किया है कि अगर चुनाव से पहले 12 लाख लोगों को नौकरी नहीं दी गई, तो विधानसभा चुनाव में वोट मांगने नहीं आएंगे।
कहाँ: यह बयान सुपौल जिले के रतनपुरा में दिया गया, जहां उन्होंने बैद्यनाथ मेहता की प्रतिमा का अनावरण किया।
कब: यह बयान सोमवार, 6 जनवरी 2025 को दिया गया।
क्यों: उप मुख्यमंत्री ने यह बातें उस समय कहीं जब उन्होंने राज्य में रोजगार की स्थिति और विकास कार्यों की चर्चा की। उनका कहना है कि बिहार में 15 वर्षों तक राज करने वाले परिवार ने एक लाख लोगों को भी सरकारी नौकरी नहीं दी, लेकिन उनकी सरकार ने पहले ही चार लाख नौकरियां देने की योजना बनाई है।
कैसे: सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि समय पर वादा पूरा नहीं हुआ तो यह चुनाव में उनके लिए मुश्किल हो जाएगा। वे और उनकी पार्टी लोगों के विश्वास को बनाए रखना चाहती हैं।
बाढ़ से लड़ाई और विकास की नई योजनाएं
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बाढ़ की समस्या को हल करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर बिहार में बाढ़ की समस्या को हल करने के लिए सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का वादा किया। यह भी बताया गया कि राज्य में एक साथ चार बराज का निर्माण हो रहा है जो बाढ़ की विभीषिका को कम करेगा और साथ ही सिंचाई के लिए बेहतर संसाधन प्रदान करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि “जब भी उत्तर बिहार का उल्लेख होता है, चर्चा केवल बाढ़ तक ही सीमित रहती है, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जाता।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य के विकास के लिए कई पहलों की बात की।
उप मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि वीरपुर से जल्दी ही हवाई सेवाएं शुरू होंगी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में न केवल बुनियादी ढांचे को बढ़ावा दिया जा रहा है बल्कि केंद्रीय विद्यालयों के निर्माण से शिक्षा में गुणात्मक सुधार भी होगा।
नौकरी के मुद्दे पर बहस
सम्राट चौधरी ने अपने बयान में पूर्व सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 15 साल में एक भी नौकरी नहीं दी, जबकि उनकी सरकार ने 2020 तक 7 लाख 50 हजार नौकरियां दीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य 10 लाख नौकरियां देने का है और अगर वह इसमें असफल रहे तो जनता से वोट मांगने का अधिकार नहीं है।
शिक्षा और अस्पतालों की स्थिति
उपमुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में केंद्रीय विद्यालयों का निर्माण होने से शिक्षा गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
भविष्य की योजनाएं
आगामी योजनाओं में उन्होंने बताया कि वीरपुर में रजिस्ट्री ऑफिस स्थापित करने का फैसला लिया गया है। इस फैसले से न केवल सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी होगी बल्कि आम जनता को भी बेहतर सुविधा मिलेगी।
सम्राट चौधरी ने विकास कार्यों की गति को तेज करने का आश्वासन दिया और कहा कि जब वे पहले विधायक बने थे तब उन्हें 20 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था, जबकि अब स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे का निर्माण भी महत्वपूर्ण बताया, जो क्षेत्र के विकास में सहायक होगा।
हालांकि, उप मुख्यमंत्री का यह बयान इस बात का संकेत है कि वह अपनी सरकार के काम-काज को मजबूत करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में जनता का विश्वास जीतने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बिहार के लोगों के लिए नौकरी, शिक्षा और स्वास्थ्य की दिशा में उचित कदम उठाने का वादा उनकी प्राथमिकता है।

