20.1 C
Delhi
Thursday, January 22, 2026

बिहार में जमीन रजिस्ट्री के साथ ही होगा दाखिल खारिज, जानें ऑनलाइन जमाबंदी प्रक्रिया

इंडियाबिहार में जमीन रजिस्ट्री के साथ ही होगा दाखिल खारिज, जानें ऑनलाइन जमाबंदी प्रक्रिया

बिहार में जमीन रजिस्ट्री को ऑनलाइन करना होगा आसान

हाल ही में बिहार सरकार ने एक नई व्यवस्था का ऐलान किया है, जिसके तहत अब जमीन की रजिस्ट्री के साथ ही दाखिल खारिज की प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी जाएगी। नीतीश कुमार की सरकार उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की तरह ही इस प्रणाली को लागू करने जा रही है। यह व्यवस्था खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी जो जमीन खरीदने या बेचने का काम कर रहे हैं। इस नई प्रणाली की वजह से न केवल कार्य प्रक्रिया में सरलता आएगी, बल्कि फर्जीवाड़े के मामलों में भी कमी आने की उम्मीद है।

इस प्रक्रिया के अंतर्गत, जब भी कोई जमीन खरीद-फरोख्त की जाएगी, विक्रेता के हिस्से का रकबा तुरंत घट जाएगा। इसके लिए अलग से अंचल कार्यालय में आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि रजिस्ट्री के साथ ही ऑनलाइन आवेदन सीधे अंचल कार्यालय जाएगा। यहां से नई जमाबंदी को दर्ज किया जाएगा। भूमि सुधार विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में यह व्यवस्था पटना और मुजफ्फरपुर के कुल तीन निबंधन कार्यालयों में लागू की जा रही है।

कहाँ और कब होगी यह सुविधा शुरू?

जिन तीन निबंधन कार्यालयों में यह सुविधा शुरू की जा रही है, उनमें संपतचक, फतुहा, और सकारा शामिल हैं। इन कार्यालयों में इस नई प्रणाली का परीक्षण किया जा रहा है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल होता है, तो अन्य निबंधन कार्यालयों में भी जल्द ही इस प्रणाली को लागू किया जाएगा। कुल मिलाकर बिहार के 137 निबंधन कार्यालयों में ऑनलाइन रजिस्ट्री की सुविधा शुरू की जा रही है।

ऑनलाइन जमाबंदी में कैसे होगा आवेदन?

बिहार में ऑनलाइन जमाबंदी के लिए अब लोगों को अंचल कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं होगी। जब से रजिस्ट्री का कार्य पूरा हो जाता है, उसी समय ऑनलाइन आवेदन अंचल कार्यालय में भेज दिया जाएगा। इससे जमाबंदी की पूरी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा सकेगी। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में अधिकारियों और कर्मियों के हस्ताक्षर भी डिजिटल तरीके से होंगे, जिससे फर्जीवाड़े के मामलों में कमी आएगी। फाइनल रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होने के बाद, डीड का प्रिंट निकालकर खरीदार को और विक्रेता को इसकी छाया प्रति दी जाएगी।

कैसे होगी पेपरलेस रजिस्ट्री?

राजस्व और भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों के अनुसार, निबंधन कार्यालय को पेपरलेस बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। पहले चरण में आरा, शेखपुरा, डेहरी और पूर्वी चंपारण के केसरिया निबंधन कार्यालयों में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। यहां सभी काम ऑनलाइन ही किए जाएंगे, जिससे लोगों को न केवल समय की बचत होगी बल्कि प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी होगी।

सुविधाओं के लाभ

इस नई व्यवस्था के लागू होने से कई लाभ मिलेंगे। सबसे पहले, यह प्रक्रिया तेज होगी। पहले ज़मीन खरीदने या बेचने के लिए कई बार अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, अब यह सब ऑनलाइन होगा। दूसरे, इससे फर्जी दस्तावेजों के मामलों में कमी आएगी, क्योंकि हर सूचना डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी। तीसरे, खरीदारों और विक्रेताओं को सभी कार्य एक ही स्थान पर और ऑनलाइन पूर्ण करने में सुविधा होगी।

अगले कदम और भविष्य की योजनाएं

इस नई व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू करने के बाद, बिहार सरकार अन्य सरकारी सेवाओं को भी ऑनलाइन करने की योजना बना रही है। जैसे ही यह ऑनलाइन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरे राज्य में लागू होगी, सरकार अन्य संबंधित प्रक्रियाओं को भी डिजिटल बनाने की दिशा में काम करेगी। इससे नागरिकों को और भी अधिक सुविधा मिलेगी और वे सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक सहजता से उठा सकेंगे।

एक विशेष रिपोर्ट

As per the report by Amar Ujala, यह प्रक्रिया केवल पहले चरण में परीक्षण के तौर पर लागू की जा रही है और इसके परिणामों के आधार पर इसे व्यापक रूप से लागू किया जाएगा। इस कदम से न केवल लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि यह राज्य के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

इन सभी सुविधाओं के बीच, यह आवश्यक है कि लोग अपनी जमीन से संबंधित सभी दस्तावेजों की सही जानकारी रखें और सभी नियमों का पालन करें। इससे न केवल वे कानूनी समस्याओं से बचेंगे, बल्कि उन्हें अपनी संपत्ति की सही जानकारी भी प्राप्त होगी।

जानिए कैसे रख सकते हैं अपने दस्तावेज सुरक्षित

बिहार में इस नई प्रणाली का लाभ उठाने के लिए, सभी नागरिकों को अपने ज़मीन के दस्तावेजों को सही तरीके से सुरक्षित रखना होगा। ऑनलाइन प्रणाली के तहत हर लेन-देन का रिकॉर्ड रखा जाएगा, इसलिए यह जरूरी है कि सभी आवश्यक दस्तावेज और सूचनाएं सही और अप-टू-डेट रहें। अधिक जानकारी के लिए, आप राज्य के भूमि सुधार विभाग की वेबसाइट पर जा सकते हैं, या बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवश्यक दिशा-निर्देश पढ़ सकते हैं।

इस नई ऑनलाइन जमाबंदी प्रक्रिया से न केवल जमीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि यह लोगों के लिए एक नई उम्मीद का प्रतीक बनेगी। उम्मीद की जाती है कि यह कदम बिहार के विकास के साथ-साथ वहां के लोगों की समस्याओं को भी हल करेगा।

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles