संभल में कल्कि विष्णु मंदिर का सर्वेक्षण: एएसआई ने दी सबसे अधिक प्राथमिकता, जानें कैसे हुई प्रक्रिया
संभल के प्राचीन कल्कि विष्णु मंदिर का सर्वेक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की एक विशेष टीम द्वारा किया गया। इस सर्वे में कल्कि विष्णु मंदिर को सबसे अधिक समय दिया गया है। टीम ने दो दिन में कुल 20 कूप और छह तीर्थों का बारीकी से अध्ययन किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सर्वे ना केवल मंदिर की आस्था को बढ़ाएगा, बल्कि इससे जुड़े प्राचीन तत्वों की जानकारी भी सामने आएगी।
एक नजर
कौन: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ने इस सर्वेक्षण का कार्य किया।
क्या: इस सर्वे में दो दिन में कल्कि विष्णु मंदिर और इसके आसपास के कूपों एवं तीर्थ स्थलों का अध्ययन किया गया।
कहाँ: यह सर्वे संभल के प्राचीन कल्कि विष्णु मंदिर में और आस-पड़ोस के क्षेत्र में किया गया।
कब: यह सर्वे शनिवार और शुक्रवार को проведित किया गया।
क्यों: इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य मंदिर की ऐतिहासिकता का पता लगाना और इससे जुड़े कूप और तीर्थ स्थलों की जानकारी जुटाना था।
कैसे: टीम ने पुजारी से जानकारी लेते हुए ठोस साक्ष्य और प्रमाण एकत्रित किए।
एएसआई की इस टीम ने खासकर कल्कि विष्णु मंदिर को प्राथमिकता दी, क्योंकि यह धार्मिक महत्व के साथ-साथ ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। सर्वे के दौरान पुजारी पंडित महेंद्र शर्मा ने मंदिर की प्राचीन आकृतियों और उनके धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंदिर में सदियों से एक ही परिवार द्वारा पूजा-पाठ किया जा रहा है, जो कि उनकी दसवीं पीढ़ी है।
पर्यटन विभाग द्वारा किया जा रहा विकास
पंडित महेंद्र शर्मा के बेटे अनुज शर्मा ने जानकारी दी कि पर्यटन विभाग ने कल्कि विष्णु मंदिर के विकास के लिए 86 लाख रुपये की योजना बनाई है। इसके तहत पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। तीन नए कमरे और यज्ञशाला का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि, मंदिर के आसपास का अतिक्रमण अभी भी एक चुनौती बना हुआ है। अनुज शर्मा ने कहा कि उनके परिवार ने कई बार प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के लिए लिखा है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
भगवान कल्कि का अवतरण
सर्वेक्षण के दौरान, पंडित महेंद्र शर्मा ने बताया कि पुराणों में भगवान कल्कि के अवतरण का उल्लेख है और यह स्थान इस संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जाता है। कल्कि विष्णु मंदिर से जुड़ी आस्थाएं हिंदू समुदाय में गहरी जड़ें रखती हैं और भविष्य में इसका धार्मिक महत्व और बढ़ने की उम्मीद है।
संभल में धार्मिक धरोहर की सुरक्षा
संभल का यह मंदिर और इसके आस-पास के क्षेत्र की पहचान के लिए यह सर्वेक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। एएसआई की टीम द्वारा की गई इस कार्यवाई से न केवल धार्मिक स्थलों की पहचान होगी, बल्कि इसके संरक्षण का भी मार्ग प्रशस्त होगा। इस सर्वे में जुटाए गए साक्ष्य भविष्य में और अधिक अनुसंधान का आधार बन सकते हैं।
वैसे, यह भी ध्यान देने योग्य है कि संभल में इस सर्वेक्षण के प्रभाव केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। इससे संबंधित जानकारी और अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

