लद्दाख को मिली पूर्ण कार्यशील साक्षरता की मान्यता
लद्दाख को पूर्ण कार्यशील साक्षरता प्राप्त करने वाली प्रशासनिक इकाई घोषित किया गया है। इस उपलब्धि की घोषणा उपराज्यपाल डॉ. बी.डी. मिश्रा ने लेह में सिंधु सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक समारोह के दौरान की।
मुख्य बिंदु:
- उल्लास कार्यक्रम: ‘उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत लद्दाख ने 97 प्रतिशत से अधिक साक्षरता हासिल की है, जिसके चलते इसे यह मान्यता दी गई है।
- समारोह में उपस्थिति: इस समारोह में लद्दाख के स्कूली शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजीव खिरवार और 500 से अधिक नव साक्षर व स्वयंसेवी उपस्थित थे।
- प्रेस रिलीज: शिक्षा मंत्रालय ने इस उपलब्धि की जानकारी एक प्रेस रिलीज के माध्यम से दी।
महत्वपूर्ण गतिविधियाँ:
- सम्मान और रिपोर्ट विमोचन: नव साक्षर और स्वयंसेवी शिक्षकों का अभिनंदन किया गया और स्कूल विभाग की वार्षिक उपलब्धि रिपोर्ट 2023 का विमोचन भी किया गया।
- उल्लास मेला: गणमान्य व्यक्तियों ने ‘उल्लास’ मेले का अवलोकन किया।
उपराज्यपाल का संदेश:
- नए शिक्षार्थियों को प्रेरणा: डॉ. मिश्रा ने नए शिक्षार्थियों और स्वयंसेवियों को आजीवन सीखने के मार्ग पर चलते रहने के लिए प्रेरित किया।
- शिक्षा की जिम्मेदारी: उन्होंने माता-पिता को अपने बच्चों को स्कूल भेजने की जिम्मेदारी याद दिलाई और छात्रों से रोजगार के अवसर पैदा करने का आह्वान किया।
- नई शिक्षा नीति 2020: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तुत नई शिक्षा नीति 2020 की प्रशंसा की और इसे देश के भविष्य के विकास का मार्ग प्रशस्त करने वाला बताया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की बधाई:
- संजय कुमार की प्रशंसा: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सचिव संजय कुमार ने लद्दाख के लोगों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए हर संभव समर्थन देने का आश्वासन दिया।
- उल्लास योजना का उद्देश्य: ‘उल्लास’ योजना का उद्देश्य सभी पृष्ठभूमि से 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के वयस्कों को सशक्त बनाना है जो उचित स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके।
उल्लास योजना के लाभ:
- शिक्षा और जीवन कौशल: यह योजना न केवल शिक्षार्थियों को पढ़ने, लिखने और अंकगणित कौशल हासिल करने की अनुमति देती है, बल्कि आजीवन सीखने को प्रोत्साहित करते हुए महत्वपूर्ण जीवन कौशल की समझ भी विकसित करती है।
- स्वैच्छिकता और सामाजिक जिम्मेदारी: योजना को स्वैच्छिकता, सामाजिक जिम्मेदारी और कर्तव्यबोध की भावना को बढ़ावा देने के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
- विस्तृत प्रभाव: शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस योजना से अब तक देश भर में 77 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। ‘उल्लास’ मोबाइल ऐप में 1.29 करोड़ से अधिक शिक्षार्थी और 35 लाख स्वयंसेवी शिक्षक हैं।
लद्दाख की इस उपलब्धि से यह स्पष्ट होता है कि सही प्रयासों और योजनाओं के माध्यम से साक्षरता और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाए जा सकते हैं।

