गिरीश चडोनकर ने कहा है कि गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों को लेकर बहुत शर्मनाक टिप्पणी की है।
बिहार के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर को इस बारे में तत्काल प्रतिक्रिया व्यक्त करनी चाहिए।श्री चडोनकर ने कहा कि श्री सावंत ने गुरुवार को कहा कि गोवा में होने वाले 90 प्रतिशत अपराध बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूरों द्वारा किए जाते हैं।
श्री चडोनकर ने मुख्यमंत्री श्री सावंत पर भी निशाना साधा और कहा कि क्या इस टिप्पणी के बाद वह गोवा में तैनात बिहार तथा उत्तर प्रदेश मूल के प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर भरोसा जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि वह बिहार के राज्यपाल से अनुरोध कहते हैं कि श्री सावंत के इस आपराधिक बयान पर वह प्रतिक्रिया व्यक्त करें कि गोवा में होने वाले अपराधों में शामिल 90 प्रतिशत लोग बिहार और उत्तर प्रदेश से हैं।
उन्होंने तीखे सवाल करते हुए ट्वीट किया “ श्री सावंत ने बिहार और यूपी के आईएएस, आईपीएस, आईएफएस आदि के साथ ही उनके अधीन काम करने वाले सिविल अधिकारियों के बारे में भी सोचा होगा कि जब वह उनके राज्य के सभी लोगों को अपराधी बता रहे हैं तो वह इन भूमिपुत्रों की भावनाओं को भी आहत कर रहे हैं।
क्या वह इस तरह की उग्रवादी मानसिकता को लेकर गर्व से इन राज्यों से आये प्रवासी अधिकारियों पर भरोसा करना जारी रखेंगे। क्या वह ‘भारतीय जनता’ पार्टी या ‘कट्टरपंथी गोवा’ पार्टी से संबंधित हैं।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि सोमवार को श्रमिक दिवस कार्यक्रम के दौरान श्री सावंत ने ठेकेदारों और नियोक्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा था “ गोवा मे होने वाले ज्यादातर आपराधिक वारदात करने वाले प्रवासी हैं।
यहां अपराध करने के बाद, प्रवासी अपने मूल राज्य में वापस चले जाते हैं और फिर उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। यदि हम अनुपात देखें, तो गोवा में 90 प्रतिशत अपराध प्रवासियों द्वारा किए जाते हैं। चाहे वह बिहार से हो, उत्तर प्रदेश या अन्य क्षेत्रों में, मैं विवरण में नहीं जा रहा हूं।”

