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Thursday, January 22, 2026

ताहिर पुर कुष्ठ रोग निदान केंद्र में लगा सौर ऊर्जा संयंत्र

इंडियाताहिर पुर कुष्ठ रोग निदान केंद्र में लगा सौर ऊर्जा संयंत्र

इंदिरा गांधी अस्पताल में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया गया है और कुष्ठ रोगियों की मदद के लिए साइकिल रिक्शा दिए गए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एवं कुष्ठ रोग की स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के महानिदेशक डॉ. सुदर्शन मंडल ने बुधवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि कुष्ठ रोग अभी भी भारत में एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है। यह वैश्विक नए मामलों में लगभग 54 प्रतिशत है।

गलत व्यवहार और भेदभाव कुष्ठ रोगियों के बीच की पीड़ा का प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक हो सकता और इसका उपचार मुफ्त उपलब्ध है लेकिन आम जनता में जागरूकता की कमी के कारण लोग आज भी इस रोग के कारण बहिष्कृत हैं ।

कुष्ठ रोग एक जीवाणु रोग है और मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) नामक दवाओं के साथ पूरी तरह से ठीक हो सकता है। राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम ने कुष्ट रोग को वर्ष 2027 तक समाप्त करने के लिए अपनी रणनीति को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा,“हमें उम्मीद है कि हाल ही में जारी राष्ट्रीय रणनीतिक योजना राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए मार्गदर्शन और एक ब्लूप्रिंट की तरह मदद करेगा।”

कुष्ठरोग के नियंत्रण के लिए रोटरी क्लब अलायंस के प्रमुख‌ दीपक कपूर ने कहा कि ‘‘ कुष्ठ रोग नियंत्रण योजना दिल्ली एनसीआर में 1500 से ज्यादा कुष्ठरोगियों और उनके परिवारों के जीवन में सुधार लाने के लिए निरंतर काम कर रहा है। हम अभी तक राज्य में 40 में से 30 कुष्ठरोग कॉलोनियों में 650 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दे चुके हैं, और 63 फिज़ियोथेरेपी शिविर लगा चुके हैं।”

उन्होंने कहा कि रोटरी जल्द ही इंदिरा गांधी अस्पताल में अपनी तरह की अलग विस्तृत देखभाल सुविधा केंद्र शुरू करेगा और कुष्ठरोगियों के इलाज और पुनर्वास में मदद होगी।

इस अवसर पर स्थानीय सांसद मनोज तिवारी ने इस संयंत्र का उद्घाटन किया और कुष्ठरोगियों के जीवन में सुधार लाने के लिए उन्हें रिक्शे वितरित किए।

श्री तिवारी ने कहा, ‘‘लोगों के बीच यह जागरुकता होना जरूरी है कि कुष्ठरोग का इलाज संभव है। यह जानकारी बढ़ाकर ही कुष्ठरोगियों का समाज से बहिष्कार करने पर रोक लगाई जा सकेगी, और वो सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जी पाएंगे।

मुझे विश्वास है कि नॉन-प्रॉफिट रोटरी और इसके साझेदारों के सहयोग से इस प्रोजेक्ट का विकास करने में मदद मिलेगी, और मरीजों, उनके परिवारों एवं समाज को इसका लाभ मिल सकेगा। कुष्ठरोग के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए रोटरी और इसके पाटनर्स द्वारा किया गया काम साल 2027 तक भारत से कुष्ठरोग का उन्मूलन करने के भारत सरकार के मिशन में काफी मददगार भूमिका निभाएगा।’’

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