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Thursday, January 22, 2026

कृषि के विकास के बिना भारत विकसित राष्ट्र नहीं बन सकता: तोमर

इंडियाकृषि के विकास के बिना भारत विकसित राष्ट्र नहीं बन सकता: तोमर

कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने मंगलवार को कहा कि कृषि के विकास के बिना भारत विकसित राष्ट्र नहीं बन सकता है।

तोमर ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और विश्व बैंक की ओर से कृषि में उच्च शिक्षा को लेकर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि अमृत काल के दौरान सरकार ने देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसमें कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। कृषि के बिना विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कृषि तकनीक सरल होनी चाहिए, कृषि उत्पाद गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए, कृषि लागत घटनी चाहिए और कृषि निर्यात बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि कि ज्ञान और तकनीक से परिपूर्ण कृषि परिवार इसकी सभी चुनौतियों को तकनीकी से पूरा कर सकता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समग्र विकास की परिकल्पना पर काम कर रहे है और वह गरीबों , छोटे किसानों, महिलाओं, आदिवासियों और साधारण लोगों के जीवन में बदलाव चाहते हैं। सरकार इसके प्रति प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि पहले किसान आर्थिक संकट से जूझता था और वह कर्ज में डूबा रहता था। इस समस्या का समाधान के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरु की गयी है जिससे किसानों को 20 लाख करोड़ रुपए तक की अल्पकालिक ऋण की सुविधा दी जा सकती है। बड़े पैमाने पर किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भी लाभ मिल रहा है। इससे एक लाख 30 हजार करोड़ रुपए के दावों का भुगतान किया जा चुका है।

तोमर ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में पांच साल पहले विश्व बैंक की मदद से उच्च शिक्षा पर काम किया था और अब वह तकनीकी की दृष्टि से काफी आगे बढ़ गया है। काेविड संक्रमण के दौरान “कृषि मेघ” का उपयोग किया गया, जिससे शिक्षा प्रभावित नहीं हुई। कृषि मेघ के ढांचे को और मजबूत किया गया है।

परिषद के महानिदेशक हिमांशु पाठक ने कहा कि विश्व बैंक केन्द्र सरकार के साथ वर्षों से काम कर रहा है। वह कृषि शिक्षा, कृषि विस्तार और अनुसंधान में भी साथ-साथ है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र का विकास शिक्षा के आधार पर होता है।

शिक्षा से ही सभी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत का विकसित राष्ट्र बनाने के लिए शिक्षा बेहद जरुरी है। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियां, फसलों का उत्पादन, किसानों की कम आय जैसे मुद्दे शिक्षा से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि नए कौशल और विज्ञान से चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है।

परिषद के उपमहानिदेशक शिक्षा आर सी अग्रवाल ने कहा कि ब्लैंडेड लर्निंग के लिए आधारभूत सुविधा और क्षमता निर्माण की सुविधा है। किसी भी कठिन परिस्थिति का सामना करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि एनसीआरटी ने एक कमेटी बनायी है।

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