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Thursday, January 22, 2026

नये और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करेगा बजट: योगी

इंडियानये और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करेगा बजट: योगी

केन्द्रीय बजट को सर्वस्पर्शी,समावेशी बताते हुये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकसित भारत की नींव डालने वाला लोककल्याणकारी बजट नये और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करेगा।

श्री योगी ने गुरूवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 2022-23 के केन्द्रीय करों में उत्तर प्रदेश का अंश एक लाख 46 हजार करोड़ से बढ़ा कर 2023-24 में एक लाख 83 हजार करोड़ प्रस्तावित किया गया है जो नये भारत के नये उत्तर प्रदेश के निर्माण में उपयोगी सिद्ध होगा।

उन्होने कहा कि विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे उत्तर प्रदेश को केन्द्रीय बजट का भरपूर लाभ मिलेगा। बजट से एमएसएमई सेक्टर और मूलभूत ढांचे में सुधार लाने में न सिर्फ मदद मिलेगी बल्कि आबादी के लिहाज से बड़े राज्य को अन्त्योदय योजना और प्रधानमंत्री आवास जैसी गरीब और वंचित वर्ग के लिये जारी केन्द्रीय योजनाओं का भी सर्वाधिक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक कल्याणकारी बजट गांव, गरीब, किसान, जनजातीय, दलितों, पिछड़ों, शोषितों, वंचितों, दिव्यांगजनों, आर्थिक रूप से कमजोर तथा मध्यम वर्ग के लोगों को सशक्त और सक्षम बनाएगा। अन्त्योदय योजना के तहत गरीबों के लिए मुफ्त खाद्यान्न की आपूर्ति को एक वर्ष के लिए बढ़ा देने से उत्तर प्रदेश के 15 करोड़ जरूरतमंदों समेत देश के 80 करोड़ लोगों को बड़ी राहत मिलेगी वहीं बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना का बजट बढ़ा कर 79 हजार करोड़ रुपए प्रस्तावित किया गया है।

उत्तर प्रदेश में इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के 45 लाख परिवारों को आवास मिल चुके हैं। केन्द्र सरकार के सहयोग से ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ के लक्ष्यों को पूरा किया जाएगा।

श्री योगी ने कहा कि केन्द्रीय बजट में वर्ष 2014 से स्थापित मौजूद 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ 157 नये नर्सिंग कॉलेज स्थापित किये जाने का प्रस्ताव है। यह प्राविधान प्रदेश में ‘एक जनपद, एक मेडिकल कॉलेज, एक नर्सिंग कॉलेज’ की परिकल्पना को साकार करने में तथा स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा।

बजट ग्राम विकास, कृषि विकास, श्रमिक कल्याण, इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी क्षेत्रों सहित देश के समग्र विकास को समर्पित है। इस बजट के माध्यम से युवाओं के सपने साकार होंगे।

उन्होने कहा कि अमृत काल का यह पहला बजट सप्तऋषि के समान देश का मार्गदर्शन करेगा तथा आकांक्षी भारत के लक्ष्यों को पूरा करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह बजट महज वर्ष 2023-24 के डेवलपमेंट का एजेंडा नहीं है, बल्कि देश के लिए अगले 25 से 50 साल के लिये विकसित अर्थव्यवस्था की बुनियाद रखने वाला ब्लू प्रिंट है जिसमें ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

वर्ष 2023-24 का आम बजट हरित विकास के लक्ष्य का आधार है। नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के लिए 19,700 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। एनर्जी ट्रांजिशन के लिए 35,000 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है।

उन्होने बताया कि रेलवे के लिए दो लाख 40 हजार करोड़ रुपए का बजट दिया गया है, जो वित्तीय वर्ष 2013-14 के बजट से नौ गुना अधिक है। इन्वेस्टमेंट खर्च को 10 लाख करोड़ रुपए किया जा रहा है। राज्यों को मिलने वाले इंटरेस्ट-फ्री लोन को भी एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। साथ ही इसकी पूंजी को भी 1.30 लाख करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया है। इससे राज्य को लोक कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रीजनल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए 50 नए एयरपोर्ट, हेलिपैड, वॉटर एरो ड्रोन, एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड्स का विकास किया जाएगा। सरकार शहरी बुनियादी ढांचा विकास कोष के लिए हर साल 10,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। यह शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर को और मजबूती प्रदान करेगी।

उन्होने कहा कि एमएसएमई को नौ हजार करोड़ रुपए की क्रेडिट गारंटी दी जाएगी। इससे उन्हें दो लाख करोड़ रुपए का एक्स्ट्रा कोलेटरल फ्री क्रेडिट भी मिल सकेगा। यह राज्य की घरेलू अर्थव्यस्था को एक नई मजबूती देगी तथा इससे रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। उत्तर प्रदेश में देश में सबसे अधिक 96 लाख एमएसएमई इकाइयां है। निश्चित तौर पर प्रदेश के एमएसएमई उद्यमी इनसे सर्वाधिक लाभान्वित होंगे।

प्रधानमंत्री ने इस बजट के माध्यम से पुरानी टैक्स व्यवस्था को खत्म करते हुए मध्य वर्ग के नौकरीपेशा लोगों को ऐतिहासिक तोहफा दिया है। अब नौकरी पेशा लोगों को सात लाख रुपये सालाना की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।

मोटे अनाज उगाने के मोर्चे पर भारत लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। भारत ‘श्री अन्न’  का सबसे बड़ा उत्पादक और दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश है। भारत को श्री अन्न का ग्लोबल हब बनाने के लिए हम कटिबद्ध हैं। मिलेट्स की खेती, प्रसंस्करण एवं उपभोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा ‘उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम’ के संचालन का निर्णय लिया गया है।

श्री योगी ने कहा कि पिछड़े जनजातीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए पीएमपीबीटीजी विकास मिशन शुरू किये जाने का निर्णय केन्द्र सरकार की जनजाति विकास के प्रति गंभीरता को दिखाता है। इस योजना के लिए लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का कोष बनाया गया है जिससे पीबीटीजी बस्तियों में बुनियादी सुविधाएं दी जाएंगी।

100 प्रतिशत मशीन आधारित सीवर सफाई जहॉ एक तरफ स्वच्छ भारत के कार्यक्रम को और तेजी से आगे बढ़ायेगा तथा सरकार की संवदेनशीलता को रेंखाकिंत करता है उन्हाने कहा कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में देश की आर्थिक विकास दर सात प्रतिशत होने के अनुमान है। यह विकास दर दुनिया की समस्त प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है। प्रधानमंत्री के यशस्वी नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारतीय अर्थव्यवस्था सही रास्ते पर है और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रही है।

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