लोकसभा में कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) तथा सरकारी बैंकों में आम लोगों का धन डूबने के मुद्दे पर चर्चा की माँग की।
गुरुवार को सदन में भारी हंगामा किया जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी।एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई विपक्षी दलों के सदस्य सदन के बीचोबीच आकर हिंडनवर्ग की रिपोर्ट के मद्देनज़र सदन में इस मुद्दे पर चर्चा की माँग को लेकर हंगामा करने लगे।
हंगामे के बीच में पीठासीन अधिकारी राजेन्द्र अग्रवाल ने ज़रूरी कागज़ात पटल पर रखवाए। वह राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा शुरू करवाते कि इससे पहले ही सदस्यों हंगामा शुरू कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सदस्यों से आग्रह किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पहला अभिभाषण है और इस पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन हंगामा कर रहे सदस्यों ने उनकी कोई बात नहीं सुनी। पीठासीन अधिकारी ने भी बार-बार सदस्यों से सदन चलने देने की अपील की, लेकिन उनकी बात भी नही सुनी गयी और हंगामा होता रहा तो उन्होंने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

