मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ ममता बनर्जी ने कहा है कि मुझे नहीं लगता कि RSS इतनी बुरी है। ओवैसी ने ममता बनर्जी के इस बयान पर तंज़ करते हुए उनका वो पुराना बयान याद दिलाया कि कैसे तृणमूल कांग्रेस के नेता ने 2003 में आरएसएस के एक कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान संगठन की प्रशंसा की थी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने RSS की जम कर तारीफ की है। उन्हों अपने एक हालिया बयान में कहा है कि तृणमूल कांग्रेस परिवार यानी उनकी पार्टी की छवि को बदनाम करने की कोशिश ना की जाए, वर्ना किसी को नहीं छोड़ा जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ ममता बनर्जी ने कहा है कि मुझे नहीं लगता कि RSS इतनी बुरी है। संघ में अभी कुछ लोग हैं जो भाजपा की तरह नहीं सोचते। एक दिन यह सब्र जरूर टूटेगा। वहीं इसके अलावा उन्होंने भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी की छवि को गंदा करने की कोशिश करने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने समाज की सेवा के लिए राजनीति में प्रवेश किया.. लेकिन अब मुझे लगता है कि मैं बहुत पहले राजनीति छोड़ देती अगर मुझे पहले से पता होता कि आज की राजनीति इतनी गंदी हो जाएगी जहां मुझे और मेरे परिवार के सदस्यों को इतनी झूठी बदनामी का सामना करना पड़ेगा। ममता ने कहा कि एजेंसी के समन केवल प्रतिशोध की राजनीति नहीं है, यह खुली हिंसा है। ममता ने एक बार फिर से कहा कि पशु और कोयला तस्करी के मुद्दे केंद्रीय गृहमंत्रालय और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है।
ममता ने दिया भाजपा के आरोपों का भी जवाब
वहीं ममता ने भाजपा के आरोपों का भी जवाब दिया। ममता ने कहा कि भाजपा आरोप लगाती है कि कोयला, पशु तस्करी और शिक्षक भर्ती घोटालों की आय का अंतिम गंतव्य कालीघाट है। मैं पूछना चाहती हूं कि आप कालीघाट पर क्यों रुक रहे हैं? यदि आप में हिम्मत है, तो उस व्यक्ति का नाम लें जो उस पैसे का अंतिम प्राप्तकर्ता है। या क्या आपका मतलब है कि पैसा कालीघाट के प्रसिद्ध काली मंदिर में जा रहा है?
उधर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ऐसी तारीफ करने को लेकर निशाना साधा। दरअसल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा कि आरआरएसएस में कई अच्छे लोग हैं, जो भाजपा का समर्थन नहीं करते हैं।
बता दें कि ममता बनर्जी ने हाल ही में कहा कि “आरएसएस पहले इतना बुरा नहीं था।” सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में, ममता बनर्जी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि आरएसएस में कई “अच्छे लोग” हैं जो “भाजपा का समर्थन नहीं करते हैं,वे भी एक दिन अपनी चुप्पी तोड़ देंगे।”
बता दें कि ममता बनर्जी ने हाल ही में कहा कि “आरएसएस पहले इतना बुरा नहीं था।” सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में, ममता बनर्जी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि आरएसएस में कई “अच्छे लोग” हैं जो “भाजपा का समर्थन नहीं करते हैं,वे भी एक दिन अपनी चुप्पी तोड़ देंगे।”
ओवैसी का ममता बनर्जी के इस बयान पर तंज़
ममता बनर्जी के इस बयान पर ओवैसी ने तंज़ करते हुए उनका वो पुराना बयान याद दिलाया कि कैसे तृणमूल कांग्रेस के नेता ने 2003 में आरएसएस के एक कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान संगठन की प्रशंसा की थी। ओवैसी ने कहा आरएसएस का इतिहास “मुस्लिम विरोधी घृणा अपराध से भरा” है और उन्हें उम्मीद है कि “मुस्लिम” तृणमूल के चेहरे “ईमानदारी और निरंतरता” के लिए बंगाल की सीएम की प्रशंसा करेंगे।
ओवैसी ने अपने ट्टीट में जिस बात का जिक्र किया है वो सितंबर 2003 का है। जब बनर्जी बिना विभाग के कैबिनेट मंत्री के रूप में एनडीए सरकार में लौटीं, तो उन्होंने पश्चिम बंगाल में कम्युनिस्ट “आतंक” के खिलाफ अपनी लड़ाई में संघ का समर्थन मांगा।तब एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा था।
In 2003 too Mamata had called RSS “patriots”. In turn RSS had called her “Durga”. RSS wants Hindu Rashtra. Its history is full of anti-Muslim hate crime. She’d defended BJP govt in Parliament after Gujarat pogrom. Hope TMC’s “Muslim faces” praise her for her honesty & consistency https://t.co/45LKZ7aI4s
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) September 1, 2022

