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Wednesday, January 21, 2026

पीएम मोदी ने ट्रंप का अमेरिका में आमंत्रण ठुकराया, जानें कारण और निकट भविष्य की रणनीति

इंडियापीएम मोदी ने ट्रंप का अमेरिका में आमंत्रण ठुकराया, जानें कारण और निकट भविष्य की रणनीति

भारत और अमेरिका के बीच सहयोग: पीएम मोदी और ट्रंप की बैठक की तैयारियां

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए कनाडा पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका आने का निमंत्रण दिया। हालांकि, पीएम मोदी ने पहले से निर्धारित कार्यक्रमों के कारण इसका स्वीकार नहीं किया। उन्होंने ट्रंप को भारत आने का न्योता दिया, विशेषकर क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए, जो इस साल के अंत में आयोजित किया जाएगा।

कौन, क्या, कहाँ, कब, क्यों और कैसे?

कौन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।

क्या: पीएम मोदी ने ट्रंप का अमेरिका में रुकने का निमंत्रण ठुकराया और उन्हें भारत आने का न्योता दिया।

कहाँ: जी-7 शिखर सम्मेलन, कनाडा।

कब: हाल ही में जी-7 सम्मेलन के दौरान।

क्यों: पीएम मोदी ने बताया कि पहले से निर्धारित कार्यक्रमों की वजह से वह अमेरिका में रुक नहीं सकते।

कैसे: दोनों नेताओं के बीच संवाद के माध्यम से इस बात की पुष्टि हुई कि वे निकट भविष्य में मिलने की कोशिश करेंगे।

बीच में आईं बाधाएं

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जानकारी दी कि ट्रंप और मोदी की जी-7 बैठक के दौरान मुलाकात नहीं हो सकी, क्योंकि ट्रंप जी-7 बैठक को बीच में छोड़कर चले गए थे। पीएम मोदी ने अपने कार्यक्रमों की वजह से अमेरिका आने में असमर्थता जताई। हालांकि, दोनों नेताओं ने निकट भविष्य में एक-दूसरे से मिलने की योजना बनाई है।

क्वाड की महत्वपूर्ण भूमिका

इस बातचीत में ट्रंप और मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की और क्वाड (ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान, अमेरिका) की भूमिका पर विचार साझा किए। मोदी ने ट्रंप को आगामी क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया, जिस पर ट्रंप ने खुशी-खुशी सहमति जताई कि वे भारत आने के लिए उत्सुक हैं।

भारत की स्थिरता और सहयोग

यह मीटिंग वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण है। भारत और अमेरिका के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध और सहयोग का यह एक और उदाहरण है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत ने कभी भी किसी बाहरी पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की है, और न ही भविष्य में ऐसा करेगा।

नया अध्याय: भविष्य की योजनाएं

पीएम मोदी के और ट्रंप के बीच हुई यह बातचीत न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहित करेगी। दोनों नेताओं ने निकट भविष्य में एक-दूसरे से मिलने का आश्वासन दिया है, जो आने वाले दिनों में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को नई दिशा देने में मदद करेगा।

संबंधित मुद्दे और आगे का दृष्टिकोण

इस बीच, भारत ने यह स्पष्ट किया कि वह अपने सुरक्षा और रक्षा के मुद्दों पर आत्मनिर्भर रहना चाहता है। पीएम मोदी और ट्रंप के बीच इस चर्चा से स्पष्ट होता है कि दोनों देशों के बीच सामरिक सहयोग बढ़ाना आवश्यक है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप से कहा कि ‘भारत ने न कभी मध्यस्थता स्वीकार की थी, न कभी करेगा।’ यह बयान भारत की स्थायी नीति को स्पष्ट करता है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट और खुला रहेगा।

अधिक जानकारी के लिए विश्वसनीय स्रोतों पर जाएँ:[BBC](https://www.bbc.com/news) और[Reuters](https://www.reuters.com)।

जैसे ही दोनों नेता फिर से मिलेंगे, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपनी बातचीत को किस दिशा में ले जाते हैं।

 

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