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Wednesday, January 21, 2026

लॉस एंजेलिस में भारी विरोध: ट्रंप ने क्यों तैनात की सेना, 60 साल पुरानी परंपरा को तोड़ा?

विश्वलॉस एंजेलिस में भारी विरोध: ट्रंप ने क्यों तैनात की सेना, 60 साल पुरानी परंपरा को तोड़ा?

अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा फैसला

लॉस एंजेलिस, कैलिफोर्निया – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अवैध प्रवासियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को प्राथमिकता देते हुए लॉस एंजेलिस में सेना की तैनाती का ऐलान किया है। यह कदम 60 साल बाद एक नई परंपरा की शुरुआत कर रहा है। अमेरिकी इमिग्रेशन और कस्टम प्रवर्तन विभाग (आईसीई) द्वारा अवैध प्रवासियों की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। ऐसे में राष्ट्रपति ट्रंप ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए यह साहसिक कदम उठाया।

क्यों बढ़ी सेना की जरूरत?

अवधि: यह घटनाक्रम हाल ही में, विशेषकर पिछले हफ्ते की शुरुआत में विद्यमान हुआ। कैलिफोर्निया एक ऐसा राज्य है जिसमें अवैध प्रवासियों की संख्या बहुत अधिक है। आईसीई ने यहां अपने अभियान को तेज कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप सड़कों पर हजारों लोग उतर आए। लोग अपनी आवाज उठाने के लिए सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे, जिसमें हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी शामिल थीं। इस स्थिति को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने सेना को तैनात करने का फैसला किया।

कौन, क्या, कहां, कब और क्यों?

कौन:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम।
क्या: अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान और इसके तहत सेना की तैनाती।
कहां: लॉस एंजेलिस, कैलिफोर्निया।
-कब: पिछले हफ्ते की शुरुआत से शुरू हुए प्रदर्शन।
क्यों: अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर बढ़ते विरोध प्रदर्शन और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए।

कैसे हो रहा है विरोध?

लॉस एंजेलिस में अवैध प्रवासियों के खिलाफ आईसीई के अभियान के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन हो रहा है। हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं और उनके नारेबाजी ने पूरे शहर को थम सा दिया है। कुछ इलाकों में स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं। यह स्थिति प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गई, जिसके चलते ट्रंप ने सैन्य तैनाती का फैसला किया।

राष्ट्रपति का निर्णय और उसके परिणाम

ट्रंप का यह फैसला राष्ट्रपति कार्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। लॉस एंजेलिस में सेना की तैनाती का मकसद केवल अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रपति की सख्त नीति का प्रतीक भी है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि अवैध प्रवासियों को नियंत्रित किया जा सके और कानून का पालन हो सके।

सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया

कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने इस कदम की आलोचना की है। उन्होंने इसे एक अस्वीकार्य कदम बताया है जो केवल स्थिति को और बिगाड़ सकता है। गवर्नर न्यूसम के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई से केवल समाज में विभाजन बढ़ेगा।

स्थानीय निवासियों की राय

स्थानीय निवासियों का कहना है कि लॉस एंजेलिस में अवैध प्रवासियों की समस्या को हल करने के लिए सैनिकों की तैनाती एक अस्थायी समाधान है। कई निवासियों का मानना है कि बातचीत और समझौते के माध्यम से ही इस समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण

इस घटना ने न केवल अमेरिका के भीतर बल्कि दुनिया भर में ध्यान आकर्षित किया है। कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस स्थिति की निंदा कर रहे हैं और इसे मानवाधिकारों के उल्लंघन के रूप में देख रहे हैं।

इंटरनेट और सोशल मीडिया पर चर्चाएं

सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस चल रही है। कई लोग इस कदम का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई अन्य इसे ‘तानाशाही’ का प्रतीक मान रहे हैं।

निष्कर्ष

संक्षेप में, लॉस एंजेलिस में ट्रंप का यह कदम न केवल अमेरिका के अंदर, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक बड़ा मुद्दा बन गया है। सेना की तैनाती की प्रतिक्रिया और इसके साथ उत्पन्न होने वाली चुनौतियाँ आने वाले समय में राजनीति और समाज दोनों पर असर डाल सकती हैं।

अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें[ABC News](https://abcnews.go.com) और[The Guardian](https://www.theguardian.com)।

 

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