कांग्रेस पार्टी के भीतर मचा बवाल: शशि थरूर पर हमला, भाजपा का समर्थन
इस समय कांग्रेस पार्टी के नेता शशि थरूर का नाम सबसे ज्यादा चर्चाओं में है। इसकी वजह यह है कि उनकी खुद की पार्टी के नेता उन पर तीखा प्रहार कर रहे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उनके समर्थन में खड़ी है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस के पूर्व सांसद उदित राज ने थरूर को भाजपा का “सुपर प्रवक्ता” कहा। इस पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपने ही नेता पर आक्षेप कर रही है, जबकि थरूर ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की निंदा की है।
कौन, क्या, कहाँ, कब, क्यों और कैसे?
कौन: शशि थरूर, कांग्रेस पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री।
क्या: शशि थरूर पर पार्टी के भीतर की आलोचना और भाजपा का समर्थन।
कहाँ: थरूर वर्तमान में पनामा में एक बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
कब: यह विवाद तब छिड़ा जब उदित राज ने थरूर पर अपने बयान में भाजपा का समर्थन करने का आरोप लगाया।
क्यों: क्योंकि थरूर ने अपने भाषण में कहा कि भारत की नीति में बदलाव आया है और अब आतंकियों को अपनी हरकतों की कीमत चुकानी पड़ रही है।
कैसे: भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि उदित राज ने राहुल गांधी के इशारे पर थरूर पर हमला किया है।
कांग्रेस के नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस के नेता उदित राज ने थरूर के बयान पर अभिव्यक्ति करते हुए कहा कि थरूर ने भाजपा के हित में बयान दिया है जिसमें भाजपा के नेताओं ने जो नहीं कहा, वो शशि थरूर ने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे यह साबित होता है कि थरूर भाजपा के प्रचार विभाग के प्रवक्ता बन गए हैं। इस पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला का कहना है कि कांग्रेस अपने ही नेता को निशाना बना रही है और पाकिस्तान के खिलाफ अपनी चुप्पी को उजागर कर रही है।
भाजपा का पलटवार
भाजपा ने उदित राज के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने अपने नेता शशि थरूर पर हमला करने के लिए उदित राज को आगे किया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा समय में हो रहा है जब थरूर एक बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं जिसका लक्ष्य पाकिस्तान को बेनकाब करना है।
भाजपा प्रवक्ता का दावा
पूनावाला ने कहा, “कांग्रेस, जो अपने ही नेता पर मिसाइल दाग रही है, पाकिस्तान के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोलेगी। शशि थरूर ने राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस, जो सर्वदलीय बैठक में कह रही थी कि वह देश और भारतीय सशस्त्र बलों के साथ है, अब अपने दोहरे रवैये को उजागर कर रही है।
उदित राज का बयान और विवाद
उदित राज ने कहा कि थरूर ने अपने भाषण में भारत की पुरानी रणनीतियों को गलत साबित कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि थरूर को यह नहीं भूलना चाहिए कि कांग्रेस ने हमेशा देश की सशस्त्र बलों का समर्थन किया है और ऐसे बयान देकर वे कांग्रेस के स्वर्णिम इतिहास को कम कर रहे हैं।
शशि थरूर का बयान
शशि थरूर ने पनामा में दिए अपने भाषण में कहा, “भारत सरकार ने हाल के वर्षों में अपनी सोच में बदलाव किया है। इसके कारण, आतंकियों को भी अब समझ में आने लगा है कि उन्हें हमले की कीमत चुकानी पड़ेगी।” इसके बाद से ही कांग्रेस के कई नेता उन पर भड़क गए हैं।
कांग्रेस की अंदरुनी राजनीति
यह घटनाक्रम इस बात का प्रतीक है कि कांग्रेस पार्टी में भीतर ही भीतर कितना बड़ा अराजकता चल रहा है। उधित राज का बयान और शशि थरूर पर हमला यह दर्शाता है कि पार्टी में एकता की कमी है। जबकि थरूर ने पार्टी के द्वारा उठाए गए मुद्दों पर खुलकर बात की, लेकिन उनके ही साथी उनके खिलाफ हो गए।
पाकिस्तान को लेकर कांग्रेस का रुख
इस विवाद से एक बात और स्पष्ट होती है कि कांग्रेस का रुख पाकिस्तान के प्रति कितनी चुप्पी भरा रहा है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस, जो संकट के समय में एकजुटता का नारा देती है, अब अपने नेताओं पर ही आपसी विवाद कर रही है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर कांग्रेस का रुख भी भाजपा के आरोपों को और प्रबल करता है कि वे पाकिस्तान को ‘क्लीन चिट’ देने में लगी हुई हैं।
वे सभी इसके समर्थन में एकत्रित हो रहे हैं कि शशि थरूर ने एक ऐसी बात की जो न केवल उनकी पार्टी के प्रति बल्कि उनके नेता राहुल गांधी के प्रति भी एक चुनौती बन गई है।
आगे का रास्ता
इस विवाद से यह स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस पार्टी को अपनी आंतरिक राजनीति को समझने और उसके अनुसार कदम उठाने की आवश्यकता है। यदि पार्टी अपने नेताओं के बीच इस तरह की तकरार जारी रखती है, तो इसका असर आगामी चुनावों में भी दिख सकता है। भाजपा ने इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने की कोशिश की है और यह दिखता है कि उन्हें इस मुद्दे पर हमलावर भूमिका में रखा जा सकता है।
इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस पार्टी इस विवाद का कैसे निपटारा करती है और क्या शशि थरूर को उनके नेतृत्व में वापस लाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगी या नहीं।
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