आगरा-बरेली एक्सप्रेस वे के माध्यम से हर किसी की यात्रा आसान होगी, जानिए कैसे!
उत्तर प्रदेश में आगरा से बरेली तक एक नए एक्सप्रेसवे का निर्माण हो रहा है, जो न केवल समय की बचत करेगा बल्कि यात्रा को भी सुखद बनाएगा। यह प्रोजेक्ट नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसका कुल लंबाई 228 किलोमीटर है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण का उद्देश्य आगरा, मथुरा और आसपास के 15 जिलों के लोगों को बेहतर सड़कों की सुविधा प्रदान करना है। वर्तमान में, आगरा से बरेली पहुंचने के लिए यात्रियों को लगभग चार से पांच घंटे का समय लगता है, लेकिन इस नए कॉरिडोर के बिछ जाने से यह सफर सिर्फ 2.5 घंटे में पूरा होगा।
कौन, क्या, कहाँ, कब, क्यों और कैसे
कौन: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) और स्थानीय निर्माण कंपनियाँ इस प्रोजेक्ट में शामिल हैं।
क्या: आगरा से बरेली तक 228 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है।
कहाँ: यह कॉरिडोर आगरा, मथुरा, हाथरस, कासगंज, बदायूं, और बरेली जैसे जिलों से होकर गुजरेगा।
कब: इस प्रोजेक्ट का कार्य अगले 2 वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।
क्यों: यह एक्सप्रेसवे समय की बचत, ईंधन खर्च में कमी और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने के लिए बनाया जा रहा है।
कैसे: यह चार लेन का कॉरिडोर होगा, जिसमें कई फ्लाईओवर और अंडरपास भी शामिल होंगे, जो स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे हैं।
एक्सप्रेसवे के निर्माण की विशेषताएँ
आगरा से बरेली कॉरिडोर का निर्माण 7,700 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है और इसका कार्य चार पैकेज में बंटा हुआ है। पहला पैकेज हाथरस से शुरू होकर कासगंज तक जाएगा, जबकि अन्य पैकेज कासगंज से बदायूं और बदायूं से बरेली के रास्ते का निर्माण करेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यातायात के बोझ में भी कमी आएगी।
इस कॉरिडोर में 20 फ्लाईओवर, 26 अंडरपास, और 5 पुल होंगे, जिनमें से 2 प्रमुख पुल यमुना और गंगा नदी पर बनाए जा रहे हैं। इस विकास से स्थानीय गांवों के लोगों को भी आना-जाना आसान हो जाएगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
आगरा-बरेली एक्सप्रेसवे के बनने से बरेली से नैनीताल जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचना भी आसान होगा। इससे रोजगार एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संजय वर्मा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएँ प्रदान करना है, जिससे पर्यटन और व्यवसाय में वृद्धि होगी।
आगरा-बरेली कॉरिडोर के विशेष तथ्य
- लंबाई: 228 किलोमीटर
- लागत: 7700 करोड़ रुपये
- निर्माण का समय: 2 साल में पूरा होगा
- महत्वपूर्ण मार्ग: मथुरा से हाथरस (66 किमी), हाथरस से कासगंज (57 किमी), कासगंज से बदायूं (46 किमी), बदायूं से बरेली (59 किमी)
स्थानीय विकास और निवेश
इस प्रोजेक्ट के माध्यम से आस-पास के जिलों में जमीनों के दाम आसमान छूने की सम्भावना है। जैसे-जैसे सड़कों का विकास होगा, वैसे-वैसे स्थानीय विकास के साथ-साथ निवेश की उम्मीदें भी बढ़ेंगी। यह एक्सप्रेसवे उन सभी जिलों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा, जो इससे जुड़े हुए हैं।
आवश्यक लिंक
आप इस प्रोजेक्ट के बारे में और अधिक जानकारी[यहां](https://www.nhai.gov.in) प्राप्त कर सकते हैं।
इस एक्सप्रेसवे का योजना 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है। इससे, आगरा से बरेली की यात्रा अधिक सरल, तेज़ और सुरक्षित हो जाएगी, जो सभी नागरिकों के लिए एक बड़ी सौगात होगी।
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