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Wednesday, January 21, 2026

यूको बैंक के पूर्व CMD सुबोध कुमार गोयल की गिरफ्तारी, मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा मामला उजागर

इंडियायूको बैंक के पूर्व CMD सुबोध कुमार गोयल की गिरफ्तारी, मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा मामला उजागर

नई दिल्ली, 19 मई 2025: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यूको बैंक के पूर्व सीईओ सुबोध कुमार गोयल को कोलकाता स्थित एक कंपनी द्वारा की गई 6,200 करोड़ रुपये की बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। गोयल की गिरफ्तारी ने वित्तीय अपराधों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई को एक नया मोड़ दिया है।

प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को बताया कि गोयल को 16 मई को उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। ये गिरफ्तारी कोलकाता की कंपनी कॉनकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड (सीएसपीएल) के खिलाफ चल रही जांच के तहत की गई। इस मामले में, गोयल का नाम उस bank fraud में आया है जहां 6,210 करोड़ रुपये (ब्याज के बिना) के ऋण को कथित तौर पर डायवर्ट और हेरफेर किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, ईडी ने इस मामले में कार्यवाही की और गोयल को 17 मई को कोलकाता में विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत के समक्ष पेश किया, जिसने उन्हें 21 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।

इस मामले की शुरुआत सीबीआई की प्राथमिकी से हुई, जिसमें आरोप लगाया गया कि यूको बैंक के सीएमडी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, गोयल ने सीएसपीएल के लिए बड़ी ऋण सुविधाएं स्वीकृत कीं, जिन्हें बाद में डायवर्ट किया गया। ईडी ने कहा कि इस मामले में गोयल को सीएसपीएल से “काफी रिश्वत” मिली।

धन शोधन का मास्टरमाइंड

ईडी ने बताया कि गोयल ने रिश्वत के आपराधिक स्रोत को छुपाने के लिए विभिन्न फर्जी कंपनियों और व्यक्तियों का सहारा लिया। उन्होंने बताई गई धनराशि को फर्जी संस्थाओं के माध्यम से छिपाने का प्रयास किया। ईडी के अनुसार, गोयल ने नकद, संपत्तियां, विलासिता सामान और होटल की बुकिंग जैसी सुविधाएं फर्जी कंपनियों और परिवार के सदस्यों के माध्यम से हासिल कीं। इससे यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने वित्तीय अपराध करने के लिए एक ठोस नेटवर्क विकसित किया था।

ईडी के एक बयान में कहा गया, “जांच के दौरान यह पाया गया है कि गोयल ने फर्जी कंपनियों के माध्यम से अर्जित संपत्तियों की पहचान की है, जो उनके एवं उनके परिवार के सदस्यों के स्वामित्व में हैं। इन संस्थाओं के धन का स्रोत भी सीएसपीएल से जुड़ा हुआ है।” गोयल के खिलाफ आरोपों की सच्चाई का पता लगाना अब ईडी के लिए एक चुनौती होगी।

सीएसपीएल के संबंध और पूर्व प्रमोटर की गिरफ्तारी

गौरतलब है कि सीएसपीएल के मुख्य प्रमोटर संजय सुरेका को ईडी ने दिसंबर 2024 में गिरफ्तार किया था। इस साल फरवरी में कोलकाता की अदालत में उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था। ईडी ने पीएमएलए के तहत जारी दो आदेशों के तहत सुरेका और उनकी कंपनी की 510 करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क की थी।

इसके अलावा, सीएसपीएल के अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी जांच की जा रही है, जिसमें पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धन के आवंटन में किस प्रकार की हेराफेरी की गई। ईडी की जांच से यह भी सामने आया है कि गोयल ने रिश्वत के रूप में प्राप्त धन को व्यवस्थित तरीके से छिपाने के लिए मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल किया।

आगे की कार्रवाई की तैयारी

ईडी की इस कार्रवाई ने वित्तीय जांच एजेंसियों को एक नई दिशा दी है, जहां वे बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ अधिक सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे मामलों में, जहां धन शोधन और बैंक धोखाधड़ी के आरोप होते हैं, एजेंसियों को साक्ष्यों को जुटाने और उन्हें सिद्ध करने में काफी समय लगता है।

सूचना और संदर्भ: इस मामले की जांच अभी जारी है, और विस्तृत जानकारी के लिए ईडी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जा सकते हैं[ईडी वेबसाइट](https://www.ed.gov.in)।

 

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