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Wednesday, January 21, 2026

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

इंडियाकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

कांग्रेस की रैली में मल्लिकार्जुन खरगे का आक्रामक बयान, सुरक्षा पर उठाए सवाल

कर्नाटक के विजयनगर में आयोजित कांग्रेस की रैली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए केंद्र सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया। इस हमले में 26 लोगों की जान गई, और खरगे ने कहा कि यह सब कुछ उस असुरक्षा का परिणाम है जो मोदी सरकार ने पर्यटकों को प्रदान नहीं की। उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा, “मोदी कश्मीर नहीं गए क्योंकि खुफिया एजेंसियों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया था। अगर पर्यटकों को पहलगाम जाने से रोका गया होता, तो निश्चित रूप से 26 लोगों की जान नहीं जाती।”

खरगे के इस बयान ने भाजपा सरकार के प्रति तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी सरकार की नीतियों की जबरदस्त आलोचना की। खरगे ने इसे “छोटा सा युद्ध” बताया, जो सुरक्षा की कमी के कारण हुआ है। रैली में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भी इस मुद्दे पर आवाज़ उठाई और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।

आत्मीय सुरक्षा पर ध्यान न देने के कारण यह हमला हुआ, जिसकी वजह से 26 निर्दोष लोगों की जान गई। रैली में खरगे ने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर कभी चुप्पी साधने वाली नहीं है, और पार्टी हर संभव तरीके से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रयास करेगी।

क्या था ऑपरेशन सिंदूर और इसका महत्व

ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना द्वारा 7 मई को आतंकवादियों के खिलाफ शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान था। यह अभियान पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के प्रतिशोध में संचालित किया गया। इस हमले के बाद, पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया था, जिसमें भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक उस हमले का प्रतिकार किया।

इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सैन्य बलों ने आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए। सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को अधिकतम क्षति पहुंचाई, जिसमें एयर बेस और रडार साइट्स शामिल थीं। इस प्रकार की कार्रवाई से यह संदेश गया कि भारतीय सेना हर किसी को यह समझा देगी कि यदि भारत पर हमला किया गया तो उसका प्रतिशोध कठोर होगा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रैली में यह भी कहा कि सरकार की नीतियों की वजह से ही इस तरह के आतंकवादी हमले होते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार सुरक्षा पर ध्यान नहीं देगी, ऐसे हमले होते रहेंगे।

राहुल गांधी का बयान और कर्नाटक की भूमि सुधार योजनाएँ

उसी रैली में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में बहुत से लोग जमीन के मालिक हैं, लेकिन उनके पास आधिकारिक दस्तावेज नहीं हैं। उन्होंने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सरकार को इन लोगों को जमीन का मालिकाना हक देना चाहिए। कर्नाटक सरकार 1 लाख परिवारों को भूमि अधिकार देने की योजना बना रही है, जिससे उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके।

राहुल गांधी ने कहा कि यह समय है कि जो लोग अपनी संपत्ति के मालिक हैं, उन्हें उसका अधिकार दिया जाए। इस प्रक्रिया से न केवल किसान खुश होंगे, बल्कि यह कर्नाटक में भूमि प्रबंधन को भी सुधारने में सहायक होगा।

कांग्रेस पार्टी ने पहले ही वचन दिया है कि वे कर्नाटक में सभी पांच प्रमुख वादों को पूरा करेंगे, जो कि पार्टी की राजनीतिक मजबूती को दर्शाते हैं। रैली में खरगे और राहुल गांधी ने मिलकर भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार हमला किया।

भाजपा का पलटवार और राजनीतिक ताना-बाना

इस रैली और खरगे के बयान के जवाब में भाजपा ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा के प्रवक्ता ने कहा, “कांग्रेस ने हमेशा से ही सुरक्षा मुद्दों पर राजनीति की है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को यह समझना चाहिए कि सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी है।”

इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह सियासी मुद्दा आगामी चुनावों में एक बड़ा बिंदु बन सकता है। भाजपा और कांग्रेस के बीच की इस अदला-बदली से ऐसा लगता है कि सुरक्षा और आतंकवाद की समस्या एक राजनीतिक मुद्दा बन गई है।

इस बीच, कांग्रेस के इस रुख से भाजपा की चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि पहलगाम हमले को लेकर उठाए गए सवाल अब भी गर्मागर्म हैं।

इस तरह की राजनीति और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा करना आज की आवश्यकता है, और जनता को चाहिए कि वे इस पर विचार करें कि कौन सा दल उनके अधिकारों और सुरक्षा के लिए वास्तव में वचनबद्ध है।

 

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