हरियाणा भूमि सौदा मामले में रॉबर्ट वाड्रा से ईडी की पूछताछ का नया अध्याय
केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को हरियाणा भूमि सौदा मामले के संदर्भ में व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा से दोबारा पूछताछ की। 56 वर्षीय वाड्रा, जो कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के बहनोई और प्रियंका गांधी के पति हैं, इन्होंने ईडी दफ्तर के लिए अपने सेंट्रल दिल्ली स्थित आवास से 2 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचने का कार्य किया। इस पूछताछ को वाड्रा ने राजनीतिक प्रतिशोध के तहत बताया है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
हरियाणा के शिकोहपुर में 2008 में हुई एक भूमि डील से संबंधित यह मामला काफी चर्चित रहा है। आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से 7.5 करोड़ रुपये में 3.5 एकड़ जमीन खरीदी थी। इसके बाद हरियाणा सरकार ने उक्त जमीन को कमर्शियल कॉलोनी के तौर पर विकसित करने की अनुमति दी, जिससे जमीन की कीमत में वृद्धि हुई। बाद में वाड्रा की कंपनी ने उस जमीन को डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दिया। ईडी ने इस मामले की जांच 2018 में हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू की।
इस प्रकरण में शामिल अन्य लोग
इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा के अलावा अन्य कई लोगों पर भी आरोप लगाए गए हैं। हाल ही में, दिसंबर 2023 में, ईडी ने यूएई स्थित व्यवसायी सीसी थंपी और ब्रिटेन के हथियार डीलर संजय भंडारी के रिश्तेदार सुमित चड्ढा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। हालांकि, चार्जशीट में वाड्रा और प्रियंका गांधी का नाम आरोपी के तौर पर नहीं है।
किस तरह से वाड्रा का नाम जुड़ा?
ईडी द्वारा किए गए खुलासों के अनुसार, वाड्रा के साथ जुड़े थंपी ने 2005 से 2008 के बीच हरियाणा के फरीदाबाद में कई संपत्तियों का अधिग्रहण किया था। वाड्रा और उनकी पत्नी प्रियंका गांधी ने भी इसी क्षेत्र में कुछ संपत्तियों की खरीद-बिक्री की थी।
रॉबर्ट वाड्रा और उनके आरोप
रॉबर्ट वाड्रा, जो कि एक व्यवसायी हैं, ने अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में वर्णित किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी ईडी के साथ घंटों बिताए हैं और हजारों दस्तावेज साझा किए हैं, लेकिन फिर भी उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं। वाड्रा का कहना है कि यह सभी कार्यवाही राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है।
आगामी संभावनाएं
ईडी इस समय वाड्रा के बयान को आधिकारिक रूप से रिकॉर्ड कर रही है और जमीन सौदों की वित्तीय लेन-देन का फॉरेंसिक विश्लेषण भी कर रही है। संभावना है कि आने वाले हफ्तों में इस मामले में और भी नाम जुड़ सकते हैं या समन भेजे जा सकते हैं।
बातचीत में वाड्रा ने मीडिया से कहा, “यह सभी मुझे रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मैं सहयोग करूंगा।”
रॉबर्ट वाड्रा के पिछले समन
इस घटनाक्रम में यह जानना महत्वपूर्ण है कि वाड्रा को इस मामले में पहले भी ईडी द्वारा कई बार तलब किया जा चुका है। उनकी पूर्व पूछताछ के दौरान राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनके बारे में कई बार चर्चा हुई। ईडी के समन का पर्यावरण ईडी द्वारा रॉबर्ट वाड्रा को तलब करने के इस घटनाक्रम में यह सवाल उठता है कि क्या यह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है, जैसा कि वाड्रा ने कहा है। यह मामला भारतीय राजनीति में बहुत महत्वपूर्ण है और इसके परिणाम कई राजनीतिक घटनाक्रमों पर प्रभाव डाल सकते हैं।
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में भी इस मामले की चर्चाएँ हो रही हैं, जिससे राजनीति में इसके प्रभाव का अनुमान लगाना कठिन हो रहा है। यह स्पष्ट है कि रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी के खिलाफ सभी आरोपों का गंभीरता से अध्ययन किया जा रहा है और इसके परिणाम सामने आने में कुछ समय लग सकता है।
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