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Thursday, January 22, 2026

प्रधानमंत्री ने पहलगाम हमले पर दी सशस्त्र बलों को खुली छूट, आतंकवाद पर कड़ा नकेल लगाने की तैयारी

इंडियाप्रधानमंत्री ने पहलगाम हमले पर दी सशस्त्र बलों को खुली छूट, आतंकवाद पर कड़ा नकेल लगाने की तैयारी

पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद भारत के रक्षा मंत्री और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ पीएम की महत्वपूर्ण बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत की सुरक्षा रणनीति को मजबूत करना था। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिसमें अधिकांश पर्यटक थे। प्रधान मंत्री ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों को आतंकवादियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी स्वतंत्रता है, जिसमें कार्रवाई का तरीका, समय और लक्ष्य तय करना शामिल है।

प्रधान मंत्री मोदी ने बैठक के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि आतंकवाद के खिलाफ यह हमारी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है और हमले के जिम्मेदार आतंकियों को सख्त सजा दी जाएगी। इस संदर्भ में उनका इशारा पाकिस्तान की ओर था, जो हमेशा से भारत में आतंकवाद फैलाने का प्रयास करता आया है।

कब, कहाँ और क्यों: पहलगाम आतंकवादी हमला और उसकी पृष्ठभूमि

यह घटना उस समय हुई जब देश में सुरक्षात्मक उपायों को लेकर चर्चा चल रही थी। पहलगाम, जो एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, में हमले ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तर पर चिंता पैदा की है। यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब जम्मू-कश्मीर में चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुए थे और राज्य को आर्थिक प्रगति की दिशा में आगे बढ़ते हुए देखा जा रहा था।

इस हमले की पृष्ठभूमि में यह बात भी महत्वपूर्ण है कि यह तत्कालीन सुरक्षा स्थिति को चुनौती देती है। प्रधानमंत्री ने इस बैठक में बताया कि हाल के सालों में आतंकवाद के खिलाफ हमारी रणनीति और सशस्त्र बलों की तैयारियों में सुधार हुआ है।

कैसे: भारत ने उठाए ठोस कदम

सरकार ने इस हमले के बाद कई ठोस कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया, जिसमें सभी विपक्षी दलों ने आतंकियों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का समर्थन किया। इसके बाद कैबिनेट सुरक्षा समिति (सीसीएस) की बैठक हुई, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ पांच बड़े फैसले लिए गए। इनमें सिंधु जल संधि को स्थगित करना, अटारी चेक पोस्ट को बंद करना, और पाकिस्तानी नागरिकों को भारत में प्रवेश की अनुमति खत्म करना शामिल है।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और अंतर्राष्ट्रीय स्थिति

जैसे ही भारत ने अपनी सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए, पाकिस्तान ने इस पर प्रतिक्रिया दी। पाकिस्तानी नेताओं ने भारत पर साइबर हमलों की योजना बनाने का आरोप लगाया है। इससे पहले भी भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है, और इस बार यह स्थिति और गंभीर हो गई है।

रक्षा मंत्री और सीडीएस की महत्वपूर्ण बैठकें

इससे पहले, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुए फैसलों की जानकारी दी। बैठक के दौरान सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सुरक्षा रणनीतियों पर चर्चा की। यह स्पष्ट है कि सरकार इस हमले को गंभीरता से ले रही है और आतंकवादियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के लिए तैयार है।

आर्थिक प्रगति की दिशा में हमले का प्रभाव

इस आतंकवादी हमले ने जम्मू-कश्मीर की आर्थिक प्रगति को ठेस पहुँचाई है। पिछले कुछ वर्षों से, यह क्षेत्र पर्यटन और विकास में महत्वपूर्ण वृद्धि कर रहा था, लेकिन इस प्रकार के हमले उसे वापस पीछे धकेल सकते हैं।

समर्थन का संकल्प

विपक्षी दलों द्वारा सरकार के प्रति समर्थन ने इसे और मजबूती दी है। सभी पार्टियों ने एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सरकार को समर्थन देने का संकल्प लिया है।

अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी, इस हमले की निंदा की गई है। विभिन्न देशों ने भारत के प्रति समर्थन व्यक्त किया है और यह सुनिश्चित किया है कि आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाएँ।

खत्म करने का संकल्प

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में कहा कि हम सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई भी ढील नहीं होनी चाहिए। हमें सभी स्तरों पर एकजुट होकर काम करना होगा ताकि हम दुश्मनों को उनकी योजना में असफल कर सकें।

स्रोत:
-[नवभारत टाइम्स](https://navbharattimes.indiatimes.com)
-[द हिंदू](https://www.thehindu.com)

उम्मीद है कि भारत की सरकार और सुरक्षा बल इस संकट का सामना करने में सक्षम होंगे और आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित रहेंगे।

 

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